Alok Shrivastav

Opinion: विखंडित सोवियत संघ के पास कई सबक हैं आज के भारत के लिए

Opinion: विखंडित सोवियत संघ के पास कई सबक हैं आज के भारत के लिए

सोवियत संघ का विखंडन हुए 28 साल होने वाले हैं.

नेहरू की छवि मलिन कर हम अपना भविष्य धूमिल कर रहे हैं...

नेहरू की छवि मलिन कर हम अपना भविष्य धूमिल कर रहे हैं...

नेहरू 1916 में इंग्लैंड से पढ़कर भारत लौट आए थे.

भारत की निरंतरता और स्थिरता का नेहरू दर्शन नहीं समझ पाए नामवर

भारत की निरंतरता और स्थिरता का नेहरू दर्शन नहीं समझ पाए नामवर

पिछले दिनों जवाहरलाल नेहरू की पुस्तक ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया पर लगभग 30 साल पुराना नामवर सिंह का आलेख पढ़ने को मिल

विवेकानंद की व्यथा: उन्हें सन्यासी तो माना गया, लेकिन उनके क्रांतिकारी मिशन को किसी ने नहीं समझा

विवेकानंद की व्यथा: उन्हें सन्यासी तो माना गया, लेकिन उनके क्रांतिकारी मिशन को किसी ने नहीं समझा

स्वामी विवेकानंद संन्यासी क्यों बने? क्या जीवन के प्रति उनमें वैराग-भाव था? क्या वे मोक्ष चाहते थे? क्या कोई रहस्यमय योग-साधना उनका लक्ष्य थी?

नीरज की कविताओं में एक कहानी होती थी, खत होता था और याद होती थी...

नीरज की कविताओं में एक कहानी होती थी, खत होता था और याद होती थी...

गोपालदास नीरज 93 साल का जीवन जी कर गए. अगर वे आत्मकथा लिखते तो एक दिलचस्प कहानी जानने को मिलती. एक पूरा दौर जिसमें वे जिए, हमारे सामने होता.

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