Chinmay Mishra

धारा 377 के खत्म होने से हर अल्पसंख्यक तबके को मिली मौलिक अधिकारों की गारंटी

धारा 377 के खत्म होने से हर अल्पसंख्यक तबके को मिली मौलिक अधिकारों की गारंटी

‘‘दासता का सबसे बुरा रूप ग्लानि की दासता है, क्योंकि तब लोग अपने में विश्वास खोकर निराशा की जंजीरों में जकड़ जाते हैं.’’ 

पाताल में समाती नैतिकता

पाताल में समाती नैतिकता

सोचा था, अब कुछ समय तक भारत के बुनकरों, छपाइगरों और तमाम शिल्पकारों की स्थितियों, उनकी आर्थिक बर्बादी को लेकर लिखूंगा! किसानों की बदहाली पर बातचीत करेंगे!

केरल बाढ़: क्या भगवान ही नाराज हैं? आखिर कौन जिम्मेदार है इस प्रलय के लिए...

केरल बाढ़: क्या भगवान ही नाराज हैं? आखिर कौन जिम्मेदार है इस प्रलय के लिए...

तभी पानी की कुछ बूंदें मेरे माथे पर पड़ीं, ‘‘बारिश शुरू हो गई है, सर निकल चलिए’’ साथी इंजीनियरों ने कहा,

जो बच्चे हमारे नहीं हैं

जो बच्चे हमारे नहीं हैं

‘‘एक अधेड़ उम्र औरत ने अपनी तीनों बेटियों सहित  कीटनाशक खा लिया’’ नहीं तो क्या अमर फल खाती  कीड़े - मकौड़े से बदतर जिंदगी  और विस्थापित करने नाचने वाले 

कबीर : प्रेम न खेतों नीपजै

कबीर : प्रेम न खेतों नीपजै

हद तपे तो औलिया, बेहद तपे फकीर. हद बेहद दोनूं तपे, बाको नाम कबीर ..

Opinion: वंचित वर्ग के बच्चों के साथ क्यों हो रहा है सौतेला व्यवहार?

Opinion: वंचित वर्ग के बच्चों के साथ क्यों हो रहा है सौतेला व्यवहार?

सिर्फ कुछ बच्चों के लिए एक आकर्षक स्कूल/और अच्छी पोशाके हैं. बाकी बच्चों का हुजूम टपरों के नसीब में उलझ गया है.

विचारों के 'अकाल में सारस' की बिदाई

विचारों के 'अकाल में सारस' की बिदाई

‘‘मेह बरस कर खुल चुका है / खेत जुतने को तैयार थे / एक टूटा हुआ हल मेंड़ पर पड़ा था / और एक चिड़िया बार-बार बार-बार / उसे अपनी चोंच से / उठाने की कोशिश कर रही थी / मैंने देखा और मैं लौट आया / क्योंकि म

गांधी और गणतंत्र का वर्तमान

गांधी और गणतंत्र का वर्तमान

स्वराज्य का अर्थ है सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने के लिए लगातार प्रयत्न करना, फिर वह नियंत्रण विदेशी सरकार का हो या स्वदेशी सरकार का.

ब्लॉग : मुस्लिम महिलाओं को समानता दिलाने में ठोस एवं निर्णायक कदम है SC का फैसला

ब्लॉग : मुस्लिम महिलाओं को समानता दिलाने में ठोस एवं निर्णायक कदम है SC का फैसला

सर्वोच्च न्यायालय ने मुस्लिम समाज में प्रचलित एक कुप्रथा ‘तलाके बिद्दत’ यानी तीन बार तलाक बोलकर किसी पति द्वारा पत्नी को दिए गए तलाक को अपरिवर्तनीय मान लेना, को अवैध ठहरा कर एक दूरगामी फैसला दिया ह

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