Maitreyi Pushpa

मैं प्रेमचन्द की धनिया...

मैं प्रेमचन्द की धनिया...

इस्मत चुगताई कहती हैं, 'यह मर्द की दुनिया है. मर्द ने बनाई और बिगाड़ी है. औरत एक टुकड़ा है उस दुनिया का जिसे उसने अपनी मुहब्बत और नफ़रत का ज़रिया बना रखा है.

नीरज के गीतों ने प्यार सिखाया, तब मैं छोटी लड़की थी...

नीरज के गीतों ने प्यार सिखाया, तब मैं छोटी लड़की थी...

तब मैं छोटी लड़की थी. ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली. अपनी मां के साथ ग्राम सेविका शिविर में गई थी जो सिकन्दरा नाम के गांव में आयोजित था. यह गांव जिला झांसी में आता है.

सुषमा और प्रियंका की ट्रोलिंग पर मैत्रेयी पुष्पा: स्त्री तेरे साथी कहां हैं?

सुषमा और प्रियंका की ट्रोलिंग पर मैत्रेयी पुष्पा: स्त्री तेरे साथी कहां हैं?

मैंने कहीं पढ़ा था-बताओ स्त्री के बारे में सच्चाई क्या है?