Rakesh Kumar Malviya

विश्व खाद्य दिवस: क्या पेट भर राशन मिलना अब भी मुश्किल है

विश्व खाद्य दिवस: क्या पेट भर राशन मिलना अब भी मुश्किल है

यदि देश की एक पंचायत में किए गए सामाजिक संपरीक्षा यानी सोशल आॅडिट के नतीजों को सही मान लिया जाए तो देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों के हकों पर बहुत बड़ा डाका डाला जा रहा है.

यह कहानी पढ़िए और जनका के हौसले को करिए सलाम

यह कहानी पढ़िए और जनका के हौसले को करिए सलाम

आज 'इंटरनेशनल डे आफ रूरल वुमन' है. यूनाइटेड नेशन्स की ओर से यह दिन 2008 से हर साल ग्रामीण महिलाओं के सम्मान में मनाया जाता है.

लोकतंत्र में बच्चों की आवाज सुना जाना सबसे जरूरी

लोकतंत्र में बच्चों की आवाज सुना जाना सबसे जरूरी

सनसनी के इस दौर में देश के राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में क्या कोई बच्चों की मजबूत आवाज है.

फादर्स डे स्पेशल: पिता जो पलायन पर हैं...

फादर्स डे स्पेशल: पिता जो पलायन पर हैं...

फादर्स डे पर बधाई देने-लेने वाले मेरे ब्लॉग को पढ़ कर बिलकुल भी निराश न हों, यह नकारात्मकता नहीं है. बल्कि इस दिन के बहाने पितृत्व की चुनौतियों की एक अलग नजरिये से समीक्षा भर है.

क्या राहुल गांधी भी वही कह रहे जो दूसरे नेता कहते आए हैं ?

क्या राहुल गांधी भी वही कह रहे जो दूसरे नेता कहते आए हैं ?

मंदसौर में राहुल गांधी ने आखिर वही कहा, जो दशकों से दूसरे नेता कहते चले आए हैं.

एक पिता का पत्र जो हर स्कूल के लिए एक सबक है

एक पिता का पत्र जो हर स्कूल के लिए एक सबक है

प्रवेश प्रक्रिया के दौरान मैंने यह महसूस किया कि स्कूल प्रबंधन की मानसिकता सिर्फ अंको की दौड़ तक ही सीमित है और अंकीय आधार का यह क्रूर पैमाना कक्षा 1 के स्तर पर कितना उचित है.

Opinion : मूर्तियां बनाने-तोड़ने के दौर में याद रखनी होगी एक भारतीय आत्मा की इच्छा

Opinion : मूर्तियां बनाने-तोड़ने के दौर में याद रखनी होगी एक भारतीय आत्मा की इच्छा

आज एक भारतीय आत्मा पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का जन्मदिन है.

हम बुनियाद गढ़ने में ही तो गलती नहीं कर रहे

हम बुनियाद गढ़ने में ही तो गलती नहीं कर रहे

हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों का तनाव कम करने, अवसाद से बचाने और आत्महत्या की प्रवृत्तियों को रोकने के लिए एक समिति का गठन किया. इस समिति ने चार पन्नों में अपने सुझाव दिए हैं.

सोचिए और ऐसी मिसालों से सबक लीजिए

सोचिए और ऐसी मिसालों से सबक लीजिए

आज सुबह यदि आपने अपने कम्प्यूटर को ऑन करने के बाद गूगल किया हो और उसके सामने दिख रहे डूडल पर गौर किया हो तो निश्चित ही

सूख गया भवानी दादा की यादों का जंगल

सूख गया भवानी दादा की यादों का जंगल

29 मार्च को भवानी दादा का जन्मदिन था.

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