Sachin Kumar Jain

आरसीईपी यानी समग्र संकट के व्यापार समझौते

आरसीईपी यानी समग्र संकट के व्यापार समझौते

पूरी दुनिया में पिछले दो दशकों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार को बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार समझौते किये जा रहे हैं.

लड़के बलात्कार के आसान शिकार क्यों हैं?

लड़के बलात्कार के आसान शिकार क्यों हैं?

पुणे के 22 साल के एक युवक का कहना है कि “जब मैं पांच साल का था, तब लगातार दो साल तक एक पुरुष ने मेरे साथ यौनिक दुराचार किया.

लड़कों से होने वाले बलात्कार को छिपाना सामाजिक नियम है!

लड़कों से होने वाले बलात्कार को छिपाना सामाजिक नियम है!

कुछ बातें हम भूल जाते हैं और कुछ बातें हम याद नहीं रखना चाहते हैं, कुछ बातें याद रहती हैं, पर हम उन्हें स्वीकार नहीं करना चाहते हैं; ये कोई दार्शनिक निष्कर्ष नहीं हैं.

खाद्य सुरक्षा पर अमेरिकी चाल और सस्ते उत्पाद की डम्पिंग

खाद्य सुरक्षा पर अमेरिकी चाल और सस्ते उत्पाद की डम्पिंग

4 मई 2018 को अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन में एक शिकायती माहौल बनाने की कोशिश की है कि भारत खाद्य सुरक्षा के लिए जो राजकीय सहायता दे रहा है, वह डब्ल्यूटीओ में तय मानकों से बहुत ज्यादा है.

Opinion: बच्चों की सुरक्षा अब भी प्राथमिकता नहीं है!

Opinion: बच्चों की सुरक्षा अब भी प्राथमिकता नहीं है!

नई दिल्ली: भारत में वर्ष 2001 (संख्या–10814) से 2016 (106958) के बीच बच्चों के प्रति अपराधों की संख्या 889 प्रतिशत बढ़ गई.

बाल विवाह के पक्ष में होना यानी बच्चों के खिलाफ होना

बाल विवाह के पक्ष में होना यानी बच्चों के खिलाफ होना

27 मार्च 2018 को शक्तिवाहिनी बनाम भारत सरकार एवं अन्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने साफ किया है कि 'जब दो वयस्क अपनी मर्जी से विवाह करना चाहते हैं, अपना रास्ता चुनना चाहते हैं, अपना लक्ष्य तय क

न्याय व्यवस्था में भी संरक्षण से वंचित बच्चे!

न्याय व्यवस्था में भी संरक्षण से वंचित बच्चे!

भारत की न्याय प्रणाली बच्चों को न्याय नहीं दिला पाती है.

बच्चे नहीं, समाज और व्यवस्था के विवेक का अपहरण हुआ है!

बच्चे नहीं, समाज और व्यवस्था के विवेक का अपहरण हुआ है!

यह नहीं पता है कि पश्चिम बंगाल में बच्चों की हालत क्या है? आंकड़े थोड़ी बहुत जानकारी देते हैं.

21वीं सदी: बच्चों से बलात्कार और यौन शोषण 1700 प्रतिशत बढ़ा!

21वीं सदी: बच्चों से बलात्कार और यौन शोषण 1700 प्रतिशत बढ़ा!

भारत में वर्ष 2001 से 2010 के बीच बलात्कार और यौन अपराधों में अपराधों में 160 प्रतिशत की वृद्धि हुई, किन्तु वर्ष 2010 से 2016 के बीच यह वृद्धि बहुत ज्यादा यानी 557 प्रतिशत रही.

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