Sachin Kumar Jain

बाल विवाह के पक्ष में होना यानी बच्चों के खिलाफ होना

बाल विवाह के पक्ष में होना यानी बच्चों के खिलाफ होना

27 मार्च 2018 को शक्तिवाहिनी बनाम भारत सरकार एवं अन्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने साफ किया है कि 'जब दो वयस्क अपनी मर्जी से विवाह करना चाहते हैं, अपना रास्ता चुनना चाहते हैं, अपना लक्ष्य तय क

न्याय व्यवस्था में भी संरक्षण से वंचित बच्चे!

न्याय व्यवस्था में भी संरक्षण से वंचित बच्चे!

भारत की न्याय प्रणाली बच्चों को न्याय नहीं दिला पाती है.

बच्चे नहीं, समाज और व्यवस्था के विवेक का अपहरण हुआ है!

बच्चे नहीं, समाज और व्यवस्था के विवेक का अपहरण हुआ है!

यह नहीं पता है कि पश्चिम बंगाल में बच्चों की हालत क्या है? आंकड़े थोड़ी बहुत जानकारी देते हैं.

21वीं सदी: बच्चों से बलात्कार और यौन शोषण 1700 प्रतिशत बढ़ा!

21वीं सदी: बच्चों से बलात्कार और यौन शोषण 1700 प्रतिशत बढ़ा!

भारत में वर्ष 2001 से 2010 के बीच बलात्कार और यौन अपराधों में अपराधों में 160 प्रतिशत की वृद्धि हुई, किन्तु वर्ष 2010 से 2016 के बीच यह वृद्धि बहुत ज्यादा यानी 557 प्रतिशत रही.

21वीं सदी और बच्चों के प्रति अपराध में 889% वृद्धि के मायने

21वीं सदी और बच्चों के प्रति अपराध में 889% वृद्धि के मायने

भारत बच्चों के लिए केवल असुरक्षित ही नहीं, बल्कि खतरनाक स्थान बनता जा रहा है. शायद भारत ही नहीं पूरी दुनिया बच्चों के साथ उपनिवेश सरीखा और बर्बर व्यवहार कर रही है.

जब युद्धों की कीमत 949000 अरब रुपए हो, तो गरीबी कैसे मिटेगी?

जब युद्धों की कीमत 949000 अरब रुपए हो, तो गरीबी कैसे मिटेगी?

सीरिया में पिछले दो महीनों में 600 लोग मारे गए, जिनमें से 250 बच्चे थे. वहां सत्ता और नियंत्रण के लिए युद्ध कराया जा रहा है. जहरीली गैस तक फैलाए जा रहे हैं. बच्चे मर रहे हैं.

सभ्य और विकसित समाज में राज्य समर्थित युद्ध-हिंसा का वीभत्स अर्थशास्त्र

सभ्य और विकसित समाज में राज्य समर्थित युद्ध-हिंसा का वीभत्स अर्थशास्त्र

युद्ध केवल सम्मान, सुरक्षा और अस्मिता के लिए ही नहीं लड़े जाते हैं. युद्ध व्यापार, उद्योगों और मुनाफे के लिए ज्यादा रचे जाते हैं.

Opinion : वन अधिकार पर व्यवस्था का आघात

Opinion : वन अधिकार पर व्यवस्था का आघात

वस्तुतः विकास का एक मतलब आदिवासी अस्मिता और प्राकृतिक संसाधनों से जीवंत जुड़ाव रखकर जीने वाले समाज पर खतरे के साये से भी जुड़ा है.

गणतंत्र दिवस...हम भारत के लोग

गणतंत्र दिवस...हम भारत के लोग

अब 67 साल हो चुके हैं, जब भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया था. यानी स्वीकार किया था.