Suvigya Jain

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

एशियन खेल खत्म होने के हफ़्तेभर बाद अब यह बात उठना शुरू हुई है कि अपने देश का प्रदर्शन और अच्छा कैसे किया जाए. एक सवाल उठा कि क्या खिलाड़ियों को मनोवैज्ञानिक सेवाओं की जरूरत है?

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

मुनिश्री तरुण सागर लोकमुक्त हो गए. वे अपनी मौलिक कथन शैली के लिए लोकप्रिय थे. वे ऐसे मुनि थे जो जैन समाज के अलावा दूसरे धर्मों के अनुयायियों में भी उतने ही लोकप्रिय हो चले थे.

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

भारत की अदालतों में कोर्ट मैनेजर की नियुक्तियों का सिलसिला शुरू करने के पहले प्रशासनिक अधिकारियों को सबसे पहले यह तो जानना समझना ही होगा कि प्रशिक्षित मैनेजरों क्या पढ़ाया और सिखाया जाता है.

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत  (भाग-1)

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत (भाग-1)

सुप्रीम कोर्ट अपने कामकाज की रफ़्तार को लेकर चिंतित दिख रहा है. भारत के मुख्य न्यायाधीश ने यह चिंता महीने भर के भीतर दो बार जताई.

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

अपने देश के क्रिकेट प्रेमी सदमे में हैं. क्यों न हों, क्योंकि हम विश्व की रैंकिंग में नंबर वन हैं. पहला टेस्ट हार ही चुके थे. दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 107 रन पर आउट हो गए.

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

मीडिया ने इस घटना को खूब बड़ा करके बताया. जबकि सरकार पहले ही यकीन दिला चुकी थी कि किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम तय करेगी.

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने की तैयारी

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने की तैयारी

इस साल भी मानसून आने में देरी हो रही है. वैसे विशेषज्ञों ने एक महीने पहले अनुमान ये लगाया था कि मानसून अपने तय समय पर ही आएगा और इस साल सामान्य वर्षा होगी. समय का अनुमान तो गड़बड़ा गया.

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने के लिए कितने तैयार हैं हम...

पहले बाढ़ और फिर सूखे की खबरें सुनने के लिए कितने तैयार हैं हम...

इस साल भी मानसून आने में देरी हो रही है. वैसे विशेषज्ञों ने एक महीने पहले अनुमान ये लगाया था कि मानसून अपने तय समय पर ही आएगा और इस साल सामान्य वर्षा होगी. समय का अनुमान तो गड़बड़ा गया.

फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

फ़ौरन सोचना होगा कूड़ा प्रबंधन का कुछ नया उपाय

अखबारों और टीवी पर कूड़े-कचरे की खबरें अचानक बढ़ गई हैं. दिल्ली और नोएडा में कचरा इस समय अदालती नज़र में है. जब-तब अफसरों को अदालती झाड़ पड़ जाती है.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close