Suvigya Jain

2018 : किसान सक्रियता के नाम यह साल

2018 : किसान सक्रियता के नाम यह साल

सन 18 का साल भी गुज़रने को आ गया. परंपरा है कि मीडिया इस मौके पर देश की प्रमुख घटनाओं का लेखा जोखा पेश करता है.

INDvsAUS: पर्थ टेस्ट में हार का सबकः सीखना पड़ेगा टिके रहना

INDvsAUS: पर्थ टेस्ट में हार का सबकः सीखना पड़ेगा टिके रहना

हार तो कोई भी कभी भी सकता है लेकिन ऑस्ट्रेलिया से दूसरा टेस्ट हारने के बाद एक सबक बहुत ही साफ साफ मिला है. वह यह कि हमें टिक कर खेलना सीखना पड़ेगा. हम 147 रन से हारे.

नई कृषि निर्यात नीति जिस पर ज्यादा बात ही नहीं हुई

नई कृषि निर्यात नीति जिस पर ज्यादा बात ही नहीं हुई

पिछले हफ़्ते नई कृषि निर्यात नीति को लागू करने को सरकार की तरफ से मंजूरी मिलना क्या कोई छोटी घटना थी? लेकिन इस खबर को उतनी तवज्जो नहीं मिली.

बढ़ते उत्पाद के बीच निर्यात का घटना

बढ़ते उत्पाद के बीच निर्यात का घटना

यह वैश्वीकरण का दौर है. लिहाजा बाजार और उससे संबंधित हर नीति अब किसी देश का अंदरूनी मामला नहीं रह गया. हर देश अब एक वैश्विक तंत्र का हिस्सा है.

Opinion: प्रदूषण का पैमाना ही छोटा पड़ा, भुक्तभोगी अन्य देशों के उपाय हो सकते हैं सहायक

Opinion: प्रदूषण का पैमाना ही छोटा पड़ा, भुक्तभोगी अन्य देशों के उपाय हो सकते हैं सहायक

दिल्ली एनसीआर में बुरी हवा के हालात बेकाबू हो गए. हालांकि दिवाली के पहले ही हवा की स्थिति खराब से बेहद खतरनाक की श्रेणी में पहुंच चुकी थी.

यानी बुनियादी सवाल पर मिला इस बार अर्थशास्त्र का नोबेल

यानी बुनियादी सवाल पर मिला इस बार अर्थशास्त्र का नोबेल

मानवता के हित में सबसे बड़ा काम करने वालों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है. दुनिया के हर छोटे बड़े देश के मीडिया में नोबेल पुरस्कार पाने वालों की चर्चा बड़े शौक से होती है.

मशीनीकरण हमारे लिए कितना माफिक?

मशीनीकरण हमारे लिए कितना माफिक?

हर साल 2 करोड़ की रफ्तार से बढ़ती आबादी वाले देश में रोजगार का मुद्दा बना रहना स्वाभाविक है. लेकिन बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई पद्धतिबद्ध नीति अभी तक बनी नहीं दिखती.

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

एशियन खेल खत्म होने के हफ़्तेभर बाद अब यह बात उठना शुरू हुई है कि अपने देश का प्रदर्शन और अच्छा कैसे किया जाए. एक सवाल उठा कि क्या खिलाड़ियों को मनोवैज्ञानिक सेवाओं की जरूरत है?

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

मुनिश्री तरुण सागर लोकमुक्त हो गए. वे अपनी मौलिक कथन शैली के लिए लोकप्रिय थे. वे ऐसे मुनि थे जो जैन समाज के अलावा दूसरे धर्मों के अनुयायियों में भी उतने ही लोकप्रिय हो चले थे.

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

भारत की अदालतों में कोर्ट मैनेजर की नियुक्तियों का सिलसिला शुरू करने के पहले प्रशासनिक अधिकारियों को सबसे पहले यह तो जानना समझना ही होगा कि प्रशिक्षित मैनेजरों क्या पढ़ाया और सिखाया जाता है.