Suvigya Jain

Opinion: प्रदूषण का पैमाना ही छोटा पड़ा, भुक्तभोगी अन्य देशों के उपाय हो सकते हैं सहायक

Opinion: प्रदूषण का पैमाना ही छोटा पड़ा, भुक्तभोगी अन्य देशों के उपाय हो सकते हैं सहायक

दिल्ली एनसीआर में बुरी हवा के हालात बेकाबू हो गए. हालांकि दिवाली के पहले ही हवा की स्थिति खराब से बेहद खतरनाक की श्रेणी में पहुंच चुकी थी.

यानी बुनियादी सवाल पर मिला इस बार अर्थशास्त्र का नोबेल

यानी बुनियादी सवाल पर मिला इस बार अर्थशास्त्र का नोबेल

मानवता के हित में सबसे बड़ा काम करने वालों को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है. दुनिया के हर छोटे बड़े देश के मीडिया में नोबेल पुरस्कार पाने वालों की चर्चा बड़े शौक से होती है.

मशीनीकरण हमारे लिए कितना माफिक?

मशीनीकरण हमारे लिए कितना माफिक?

हर साल 2 करोड़ की रफ्तार से बढ़ती आबादी वाले देश में रोजगार का मुद्दा बना रहना स्वाभाविक है. लेकिन बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई पद्धतिबद्ध नीति अभी तक बनी नहीं दिखती.

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

अपने खिलाड़ियों को भी मनोवैज्ञानिक सेवाएं देने का मसला

एशियन खेल खत्म होने के हफ़्तेभर बाद अब यह बात उठना शुरू हुई है कि अपने देश का प्रदर्शन और अच्छा कैसे किया जाए. एक सवाल उठा कि क्या खिलाड़ियों को मनोवैज्ञानिक सेवाओं की जरूरत है?

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

मुनिश्री तरुण सागर लोकमुक्त हो गए. वे अपनी मौलिक कथन शैली के लिए लोकप्रिय थे. वे ऐसे मुनि थे जो जैन समाज के अलावा दूसरे धर्मों के अनुयायियों में भी उतने ही लोकप्रिय हो चले थे.

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

अदालतों में कोर्ट मैनेजर से सेवाएं लेने में क्या कठिनाइयां आएंगी... (भाग- 2)

भारत की अदालतों में कोर्ट मैनेजर की नियुक्तियों का सिलसिला शुरू करने के पहले प्रशासनिक अधिकारियों को सबसे पहले यह तो जानना समझना ही होगा कि प्रशिक्षित मैनेजरों क्या पढ़ाया और सिखाया जाता है.

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत  (भाग-1)

अदालतों में तैनात होंगे कोर्ट मैनेजर तो कैसे बदलेगी न्याय की सूरत (भाग-1)

सुप्रीम कोर्ट अपने कामकाज की रफ़्तार को लेकर चिंतित दिख रहा है. भारत के मुख्य न्यायाधीश ने यह चिंता महीने भर के भीतर दो बार जताई.

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

अपने देश के क्रिकेट प्रेमी सदमे में हैं. क्यों न हों, क्योंकि हम विश्व की रैंकिंग में नंबर वन हैं. पहला टेस्ट हार ही चुके थे. दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 107 रन पर आउट हो गए.

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

मीडिया ने इस घटना को खूब बड़ा करके बताया. जबकि सरकार पहले ही यकीन दिला चुकी थी कि किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम तय करेगी.

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