Suvigya Jain

बजट 2018: उद्योग और व्यापार जगत बोझ के अंदेशे से चिंतित

बजट 2018: उद्योग और व्यापार जगत बोझ के अंदेशे से चिंतित

बजट आने में दो दिन बचे हैं. बजट यानी वह सरकारी दस्तावेज़ जिसमें हिसाब होता है कि जनता के किस तबके से पैसे की उगाही करे और उस पैसे से जनता के किस तबके का दुख कम करे.

Zee Analysis : बजट में महिलाओं के हिस्से को तौलेंगे कैसे?

Zee Analysis : बजट में महिलाओं के हिस्से को तौलेंगे कैसे?

देश का बजट बन चुका है. उसकी छपाई चल रही है. एक फरवरी को पेश होगा. ये पहली बार दिख रहा है कि देश की दिशा तय करने वाले इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ के बारे में इस बार मीडिया का ध्यान सबसे कम है.

Zee Analysis : दावोस में अटकलों से हटकर था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण

Zee Analysis : दावोस में अटकलों से हटकर था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण

दावोस में प्रधानमंत्री के भाषण के पहले भारत के लावलश्कर ने अभूतपूर्व समा बांध दिया था.

विचार के लिए एक मुद्दा दे गई सुप्रीम कोर्ट के जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विचार के लिए एक मुद्दा दे गई सुप्रीम कोर्ट के जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश में सनसनी फैल गई. सनसनी क्यों न फैलती क्योंकि लोकतंत्र के चार खंभों में एक न्यायपालिका ही बची थी जिस पर खुलेआम आरोप नहीं लगते थे.

Analysis : विदेशी निवेश के लिए सरकार की नई कवायद से जुड़े कुछ तथ्य

Analysis : विदेशी निवेश के लिए सरकार की नई कवायद से जुड़े कुछ तथ्य

विदेशी व्यापारियों के लिए भारत में निवेश करना और आकर्षक बना दिया गया

देश की पांच बड़ी संस्थाओं के लिए कैसा रहा साल 2017

देश की पांच बड़ी संस्थाओं के लिए कैसा रहा साल 2017

साल के आखिरी हफ़्ते में पूरे साल की समीक्षा का रिवाज़ है. अलग-अलग क्षेत्रों में सालभर की गतिविधियों को याद करते हुए 'ईयरएंडर' लिखे जाते हैं.

लोकतांत्रिक चुनाव में व्यापार का पहलू

लोकतांत्रिक चुनाव में व्यापार का पहलू

अब तक यह नहीं समझा जा सका है कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों यानी ओपिनियन पोल, मतदान के फौरन बाद सर्वेक्षण यानी एग्ज़िट पोल और यहां तक कि वोटों की गिनती के दौरान पल-पल नतीजों के रुझान बताने के कितने मकसद

Analysis : गुजरात चुनाव में क्या सचमुच पहले से बेहतर है कांग्रेस का प्रदर्शन?

Analysis : गुजरात चुनाव में क्या सचमुच पहले से बेहतर है कांग्रेस का प्रदर्शन?

गुजरात के नतीजों को लेकर यह संभावना बना दी गई थी कि भाजपा का धूम-धड़ाके से जीतना तय है. खुद भाजपा का आकलन यह था कि 150 सीटें जीतेगी. इससे यह दावा भी बनता था कि कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट जाएगी.

निर्भया की याद में : महिला सुरक्षा क्या सिर्फ कानून से संभव है?

निर्भया की याद में : महिला सुरक्षा क्या सिर्फ कानून से संभव है?

देश में अब जब भी महिला सुरक्षा को लेकर बातचीत होती है, तो दिल्ली के निर्भया केस का जिक्र जरूर आता है

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