Suvigya Jain

'पद्मावती' के बहाने पनपते ढेरों सवाल

'पद्मावती' के बहाने पनपते ढेरों सवाल

पद्मावती का किस्सा उलझता जा रहा है. फिल्म की बात है. इस तरह यह कथा साहित्य का मामला है. लेकिन इस फिल्मी कथा में इतिहास के पात्र हैं सो इतिहास की बात भी होने लगी है.

केजरीवाल के 5 साल और 6 सवाल...

केजरीवाल के 5 साल और 6 सवाल...

आम आदमी पार्टी पांच साल की हो गई. लगभग इतनी ही उम्र राजनीति में केजरीवाल की भी हुई. वैसे किसी राजनीतिक दल के लिए पांच साल कुछ नहीं होते. हालांकि एक क्षेत्रीय दल के रूप में इतने कम भी नहीं होते.

स्मॉग : स्वच्छता अभियान की समीक्षा की दरकार

स्मॉग : स्वच्छता अभियान की समीक्षा की दरकार

देश में जब से नई सरकार बनी है उसने नए नए काम करके आजमाएं. कालाधन, स्मार्ट सिटी, स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, सबको पक्के मकान, स्वच्छ मारत, नोटबंदी, जीएसटी वगैरह वगैरह.

पर्यावरण सुधार कर दो फीसदी जीडीपी बढ़ाने का खर्चा क्या बैठेगा?

पर्यावरण सुधार कर दो फीसदी जीडीपी बढ़ाने का खर्चा क्या बैठेगा?

पर्यावरण की चिंता करने वाले लोग तर्क दे रहे हैं कि अगर पर्यावरण को सुधार लिया जाए तो देश की जीडीपी दो फीसद बढ़ जाएगी, लेकिन इस सुझाव में यह हिसाब ग़ायब है कि वैसा पर्यावरण बनाने में जीडीपी का कितना फ

विकास, वृद्धि और प्रगति के फ़र्क पर एक नज़र

विकास, वृद्धि और प्रगति के फ़र्क पर एक नज़र

विकास एक शब्द है. राजनीति में इसका खूब इस्तेमाल होने लगा है. चुनावी राजनीति में तो हद से ज़्यादा. इतना ज्यादा कि इसके मायने भी तरह तरह के निकाले जाने लगे. कोई आर्थिक विकास को विकास मानता है.

पटाखा बैनः अदालत पर सवाल के मायने

पटाखा बैनः अदालत पर सवाल के मायने

एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के

क्या इस बार भी विवाद से बच पाएगा साहित्य का नोबेल

क्या इस बार भी विवाद से बच पाएगा साहित्य का नोबेल

यह नोबेल पुरस्कारों के ऐलान का हफ्ता है.

क्या वाकई गांधी को मानने का वक्त आ गया?

क्या वाकई गांधी को मानने का वक्त आ गया?

आज गांधी जयंती है. बापू को याद करने के लिए आवंटित दिन. आज के दिन कई जगह गांधी की याद में कार्यक्रम आयोजित होते हैं. तीन साल पहले आज के दिन ऐसे ही एक कार्यक्रम की मुझे याद आई.

BHU: छेड़खानी का विरोध और पीड़ितशास्त्र की याद

BHU: छेड़खानी का विरोध और पीड़ितशास्त्र की याद

बीएचयू में लड़की को छेड़ा गया. लड़कियों ने अपनी सुरक्षा की मांग की. उस पर घ्यान देने की बजाए प्रशासन ने पीड़ित लड़की को ही अपनी सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की समझाइश दे डाली.

मीडिया विमर्श से लुप्‍त होते मूल मुद्दे

मीडिया विमर्श से लुप्‍त होते मूल मुद्दे

हर जरूरी बात की चर्चा करने वाला देश का मीडिया खुद भी इस समय चर्चा में है. विश्व मीडिया भारत की खबरें यहां के मीडिया से ही उठाता है. यानी अपने देश के मीडिया पर विश्व मीडिया की नज़र भी है.

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