Vartika Nanda

तिनका तिनका : जेलों में बेकाबू 'भीड़' और सुप्रीम कोर्ट की जायज चिंताएं

तिनका तिनका : जेलों में बेकाबू 'भीड़' और सुप्रीम कोर्ट की जायज चिंताएं

मार्च के आखिरी हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहकर भारत की 1382

खुली जेलों पर सुप्रीम कोर्ट, मीडिया और मानवाधिकार

खुली जेलों पर सुप्रीम कोर्ट, मीडिया और मानवाधिकार

देश की 1382 जेलों की बदहालत ने अब सुप्रीम कोर्ट को सामने आने पर मजबूर कर दिया है.

फिल्मी परदे पर जेलें और मानवाधिकार

फिल्मी परदे पर जेलें और मानवाधिकार

दुनिया भर में कई फिल्मों ने जेलों के अंदर के सच को उभारा है और एक तरह के जनांदोलन के माहौल को बनाने में मदद की है.

जब जेलों में लिखी गई देश की तकदीर

जब जेलों में लिखी गई देश की तकदीर

जेलों ने आजादी के संघर्ष के उतार-चढ़ाव बखूबी देखे. आज बात कुछ उन नामों की जिनके लेखन का बड़ा हिस्सा जेल में ही मुकम्मल हुआ और जिन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी.

आंखों में सपने संजोए बंदी: 14 पेट्रोल पंप, हजारों उम्मीदें...

आंखों में सपने संजोए बंदी: 14 पेट्रोल पंप, हजारों उम्मीदें...

मैं जब हैदराबाद पहुंची, तब रात हो चुकी थी. बीच रास्ते गाड़ी चलाते ड्राइवर ने अचानक एक जगह गाड़ी रोकी और बोला- इसे देखिए.

जेलों पर लिखने वाले ऐसे तीन किरदार, जिनकी कहीं बात नहीं हुई

जेलों पर लिखने वाले ऐसे तीन किरदार, जिनकी कहीं बात नहीं हुई

इस बार का कॉलम जेलों में रहकर या जेल को महसूस कर लिखने वाले तीन ऐसे किरदारों पर है, जिनकी कहीं बहुत बात नहीं हुई.

जेलों को जन और तंत्र से जोड़ दिया जाए तो बन सकती हैं राष्ट्र निर्माण का 'गीत'

जेलों को जन और तंत्र से जोड़ दिया जाए तो बन सकती हैं राष्ट्र निर्माण का 'गीत'

राजपथ भी सजा. गणतंत्र की बातें भी हुईं. एक दिन की सरकारी छुट्टी और राष्ट्रभक्ति के गीत. यह 26 जनवरी की वह झांकी है जो आजाद भारत के एक सशक्त परिचय का हिस्सा है.

कैद में महिलाएं और एक तिनका उम्मीद...

कैद में महिलाएं और एक तिनका उम्मीद...

देशभर की जेलों में कैद महिला बंदियों को लेकर संसदीय समिति की एक ताजा रिपोर्ट ने जेलों में भीड़ के मुद्दे को एक बार फिर जीवंत कर दिया है.

तिनका-तिनका : हाशिए के पार की एक दुनिया, जो खुद को सृजन से जोड़ रही है

तिनका-तिनका : हाशिए के पार की एक दुनिया, जो खुद को सृजन से जोड़ रही है

भैश सिंह साहू के लिए पेंटिंग नई जिंदगी की सौगात लेकर आई है. उसका परिचय एक चित्रकार का ही है, लेकिन इसमें एक और परिचय साथ में जुड़ा है.

तिनका तिनका : बंद दरवाजे खुलेंगे कभी... आंखों में न रहेगी नमी, न होगी नमी

तिनका तिनका : बंद दरवाजे खुलेंगे कभी... आंखों में न रहेगी नमी, न होगी नमी

आरती आज बहुत खुश थी. आज फिर वह एक नई भूमिका में है. उसे मंच पर एक बड़ी भीड़ के सामने एक नाटक में हिस्‍सा लेना है.