Vartika Nanda

अब जिंदगी जीती दिख रहीं राजस्थान की जेलें...

अब जिंदगी जीती दिख रहीं राजस्थान की जेलें...

दिल्ली स्थित धौला कुंआ में सुबह की बस लेने के लिए बिना किसी बुकिंग के बस अड्डे पहुंची तो वहां तैनात दिल्ली पुलिस के दो सिपाहियों ने बताया कि चूंकि किसी वीआईपी को वहां से गुजरना है, इसलिए बसों की से

जोधपुर की जेल डायरी

जोधपुर की जेल डायरी

यह जोधपुर की सेंट्रल जेल है. 1874 में बनी इस जेल के बाहर आज भी लकड़ी का एक पुराना गेट लगा हुआ है जिस पर एक मोटी सी सांकल है. यह सांकल जेल के ऐतिहासिक होने का सहज ही आभास दिलाती है.

जेलों और सत्ता के बीच संवाद का डर

जेलों और सत्ता के बीच संवाद का डर

जून 2018 में भारत के महिला और बाल विकास मंत्रालय ने ‘जेलों में महिलाएं’ विषय पर एक रिपोर्ट जारी की जिसका मकसद महिला बंदियों में उनके अधिकारों के बारे में समझदारी कायम करना, उनकी समस्‍याओं पर विचार

महिलाएं और ओपन जेल : तिहाड़ से उम्मीद की एक किरण

महिलाएं और ओपन जेल : तिहाड़ से उम्मीद की एक किरण

यह कम ताज्‍जुब की बात नहीं है कि देश की सबसे पुरानी जेलों में से एक और दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ को महिल

...जब जेलों में होगी गांधीगिरी

...जब जेलों में होगी गांधीगिरी

इस बार गांधी जयंती का खास तौर से इंतजार रहेगा. इसकी वजह है- महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर देशभर की जेलों में बंद कैदियों को विशेष माफी देने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी.

चंबल के डाकू और खुली जेल

चंबल के डाकू और खुली जेल

देश में खुली जेलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दखल और दबाव की वजह से पहली बार जेल की सलाखें कुछ पिघलने की तैयारी में दिख रही हैं. देश में इस समय कुल 63 खुली जेलें हैं जो जरूरत के मुताबिक बेहद कम हैं.

'संजू' और वे लोग, जिनके रिश्ते जेल के अंदर हैं...

'संजू' और वे लोग, जिनके रिश्ते जेल के अंदर हैं...

राजकुमार हिरानी की नई फिल्‍म संजू रिलीज होने से पहले ही चर्चा में है.

तिनका-तिनका: कब सुधरेंगी उत्तर प्रदेश की जेलें?

तिनका-तिनका: कब सुधरेंगी उत्तर प्रदेश की जेलें?

कानून और व्यवस्था ही नहीं बल्कि जेलों के मामले में भी उत्तर प्रदेश बेदम है.

मदर्स डे: जेल में मां, बच्चे और सजा

मदर्स डे: जेल में मां, बच्चे और सजा

मातृ दिवस पर खूब तस्वीरें खिंचीं. प्रचार हुआ. मांओं की वंदना में गीत हुए.

जब जेल में अज्ञेय ने लिखी 'शेखर: एक जीवनी'

जब जेल में अज्ञेय ने लिखी 'शेखर: एक जीवनी'

दुनिया भर की शायद हर जेल में किसी मौके पर किसी न किसी के हाथ में कलम मौजूद रही और फिर लेखन भी हुआ. इऩमें से कुछ पन्ने बाहर की रोशनी देख सके, कुछ गुमनाम हो गए या मिटा दिए गए.