बिहार चुनाव : राजनीति की अग्निपरीक्षा

राजनीति जब चारा चोर, नरभक्षी, महास्वार्थबंधन, शैतान और ब्रह्मपिशाच के चक्रव्यूह में फंस जाए तो उससे निकलने के लिए उसे अग्निपरीक्षा देनी ही पड़ती है। कोई कह रहा है बिहार चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र म

आखिर क्यों उदासीन हो गई है पुलिस....?

 पुलिस अपनी छवि कब सुधारेगी? या पुलिस की छवि कब सुधरेगी?

PM ओली के सामने आंतरिक हालात से निपटने की चुनौती

खड्ग प्रसाद शर्मा ओली को नेपाल का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। ओली का चुनाव ऐसे समय हुआ है जब आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर नेपाल और भारत के बीच राजनयिक गतिरोध बना हुआ है। नए संविधान का विरोध

सुरों की महफिल में सियासत की 'कालिख'

गुलाम अली साहेब की सुरों की वो महफिल याद आती है। 2009 में गुलाबी ठंड के बीच बीच गजलों की यह शानदार महफिल दिल्ली के पुराना किला में सजी थी। जगजीत सिंह के गजलों की महफिल से तो मैं कई बार सराबोर हुआ थ

नेट की दुनिया का काला धब्बा है साइबर अपराध

इंटरनेट ने अगर हमारी जिंदगी आसान की है तो दूसरी तरफ कई मुश्किलें भी पैदा की है। चंद सेकेंडों का क्लिक हमें हजार सूचनाएं को आसानी से मुहैया कराता है। लेकिन साइबर अपराध इंटरनेट की दुनिया पर काला धब्ब

भारत में इस्‍लामिक स्‍टेट का बढ़ता खतरा

आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएसआईएस) के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की जद में अब भारत भी आने लगा है। यह आतंकी संगठन अब भारत में पैर पसारने की तैयारी में जुटा है। वैसे भी इस्लामिक स्टेट पिछले कुछ समय से

यूएनएससी में स्थायी सदस्यता: एक कदम और आगे बढ़ा भारत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यता की अपनी दावेदारी में भारत एक कदम और आगे बढ़ा है। पीएम मोदी के हालिया अमेरिकी दौरे ने भारत के इस दावे को और मजबूती प्रदान की है। संयुक्त र

बिहार चुनाव में ओवैसी की एंट्री

दक्षिण भारत की एक छोटी सी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इतेहदुल मुसलिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद से इस बात का ऐलान किया है कि उनकी पार्टी बिहार के सीमांचल इलाके से विधानसभा चुनाव में अपने

गुरु और शिष्य के रिश्तों पर हावी बाजार

'गुरु ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात परब्रह्म तस्मैः श्री गुरुवेः नमः।'

एक थी शीना और एक है इंद्राणी

मानव सभ्यता या सामाजिक परिवेश शायद उलटी दिशा में यात्रा करने लगा है। या यों कहें कि हमारा समाज बर्बरता की तरफ मुड़ गई है। भौतिकवादी चकाचौंध में सारे अहम रिश्ते इस सामाजिक बर्बरता की आग में झुलस रही

क्‍यों करें पाकिस्‍तान पर भरोसा

भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्‍तावित राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहाकरों (एनएसए) की बातचीत से पहले पाक ने जिस तरह पैंतरेबाजी और चालबाजी की है, उससे इस वार्ता पर खतरे के बादल मंडराते नजर आने लगे हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्‍तान ने कोई 'नापाक' चाल चली हो। इतिहास इस बात का साक्षी है कि पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान कभी भी भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंधों को लेकर गंभीर हुआ ही नहीं है। जब-जब भारत की तरफ से दोस्‍ती की पहल की गई, पाकिस्‍तान ने केवल पीठ में छुरा भोंकने का ही काम किया है।

आजाद भारत में गुलामी की जकड़न

आजादी! जी हां, एक ऐसा शब्द जो जीवन के हर पल को बेहतर बनाने की ताकत देता है इस उम्मीद के साथ कि हमारा जीवन बेहतर और ताकतवर होगा तो ही हम अपने परि

आस्था के सैलाब में 'जूझती' जिंदगी

भारत एक धार्मिक देश है जहां धार्मिक आस्था का सैलाब जर्रे-जर्रे में समाया नजर आता है। आस्था के पावन पर्व में श्रद्धालु उमड़ते हैं। तकरीबन हर जगह धार्मिक उत्सव के बीच आस्था का सैलाब उमड़ता है। लेकिन

पंजाब में दोबारा आतंकवाद!

गुरदासपर के दीनानगर में सोमवार को हुए आतंकवादी हमले से यह बात जोर पकड़ने लगी है कि क्या पंजाब में आतंकवाद को फिर से पुनर्जीवित करने की कोशिश की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान

'फांसी' पर न हो सियासत

मुंबई में सीरियल बम ब्‍लास्‍ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी दे दी गई, लेकिन उसकी सजा-ए-मौत के ऐलान से लेकर फांसी के तख्‍ते तक की पूरी प्रक्रिया के दौरान जिस तरह की सियासत देश के अंदर देखने को मिली, वह कतई उचित नहीं है। देश के सामाजिक ताने-बाने, एकजुटता, सामाजिक सदभाव व समरसता एवं शांति के मद्देनजर किसी भी दोषी शख्‍स की फांसी को लेकर देश के अंदर माहौल ऐसा होना चाहिए ताकि किसी समुदाय विशेष को निशाना न बनाया जा सके।

हंगामे पर संसद मौन क्यों?

संसद का सुचारू संचालन कैसे हो इस पर सरकार, सत्ता पक्ष और विपक्ष तीनों को मिल-बैठकर चर्चा करनी होगी। क्योंकि इन तीनों से मिलकर ही तो संसद है और कहीं न कहीं इस संसद और संसद में बैठे सांसदों की भारतीय लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी भी तो बनती है कि संसद ठीक तरीके से अपना काम करे। इसके लिए संसद चाहे तो भगवान बुद्ध का लोकतंत्र अपनाकर आगे बढ़े या फिर 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का फार्मूला ईजाद करे। लेकिन संसद चलनी चाहिए और तस्वीर बदलनी चाहिए।

फिर फूटेगी सरस्वती की जलधारा?

गंगा-यमुना-सरस्वती...

मुश्किलों के भंवर में फंसते धोनी

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से बने पैनल का फैसला आते ही क्रिकेट जगत ही नहीं, देश भर में सनसनी फैल गई। क्रिकेट फैंस की नजरें त्वरित समाचार माध्यमों न्यूज चैनलों, फेसबुक, ट्विटर और इंटरनेट के जरिये गुगल सर्च इंजन पर आ टिकीं। देश भर में जो जहां थे वहीं इस खबर को जानने के लिए उत्सुक होने लगे, आखिर क्या फैसला आया? मैंने भी टीवी ऑन किया। न्यूज चैनल के एंकर अपने ही अंदाज में कह रहे थे आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग पर बनाई गई कमेटी ने बड़ा फैसला सुनाया। उसके बाद मेरी नजरें टीवी पर ठहर गईं। मैं विस्तार से न्यूज सुनने लगा। न्यूज में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक गुरुनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी में शामिल बताते हुए, उन पर आजीवन बैन लगाया है। वहीं राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा को भी इस मामले में दोषी बताते हुए उन पर भी आजीवन पाबंदी लगाई है। साथ ही एंकर ने बताया चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स टीम पर 2 साल का बैन लगाने की सिफारिश की गई है। टीम पर बैन की खबर सुनते ही मैं सोचने लगा अब धोनी का क्या होगा?

व्यापमं घोटाला : सब-कुछ लुटा के होश में आए...

मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के नाक तले व्यापमं घोटाला के व्यापक घटनाक्रम को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि 'सब कुछ लुटा के होश में आए तो क्या किया? दिन में अगर चिराग जलाए तो क्या किया?

बिहार चुनाव: जाति के नाम पर वोट जुगाड़

बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा चढ़ने लगा है। हालांकि अभी चुनाव होने में कुछ महीने शेष हैं, लेकिन सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंजाम देने में जुट गए हैं। ज्ञात हो कि बिहार की

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