सामाजिक-आर्थिक मूल्यों को समझाती किताब- 'लक्ष्मीनामा' का लोकार्पण 2 नवंबर को

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, कला निधी से प्रकाशित इस किताब का विमोचन 2 नवंबर को होगा 

सामाजिक-आर्थिक मूल्यों को समझाती किताब- 'लक्ष्मीनामा' का लोकार्पण 2 नवंबर को

नई दिल्ली. अक्सर हम देखते हैं कि लोग सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को दो अलग-अलग दिशा की बात मानते हैं, लेकिन अब एक ऐसी किताब का विमोचन होने जा रहा है जो इस दोनों मुद्दों पर बड़ी बारीक रिसर्च को विषय के तौर पर सामने लाने वाली है. 'लक्ष्मीनामा' अंशुमान तिवारी की किताब है, अंशुमान एक लेखक, पत्रकार होने के साथ आर्थिक मुद्दों के जानकार और समीक्षक भी हैं. 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, कला निधी से प्रकाशित इस किताब का विमोचन 2 नवंबर को शाम 4 बजे, सीवी मैस जनपथ, नई दिल्ली में किया जाएगा. इस किताब के विषय की बात की जाए तो यह एक अलग तरह से सामने आने वाला अर्थशास्त्र होगा, जो भारत की एतिहासिकता और प्राचीन अर्थव्यवस्थाओं को देखते हुए आज की अर्थ व्यवस्था और सामाजिक स्थितियों पर पैनी नजर डालता है. 

अगर कहा जाए कि यह किताब एक लंबे दौर का अनुभव भी अपने में समेटे है तो कहना गलत नहीं होगा. क्योंकि किताब के लेखक अंशुमान तिवारी ने अब तक सोशयोएकनॉमिक पावर पर कई देशों का अध्ययन किया है. बता दें कि लेखक के अब तक 2000 से ज्यादा लेख इन विषयों पर प्रकाशित हो चुके हैं. 

चर्चा भी होगी 
इस मौके पर 'इतिहास का उत्सव' विषय पर परिचर्चा भी आयोजित है, जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय अध्यक्षता करेंगे, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी इस कार्यक्रम के वक्ता होंगे, जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर और इतिहास विद प्रो. पुष्पेंद्र पंत, श्रीवत्स गोस्वामी और आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर के सीइओ रतीश नंदा इस कार्यक्रम में विद्वान के तौर पर शामिल होंगे. 

 

 

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