साहित्य अकादमी पुरस्कार 2018: हिंदी में चित्रा मुद्गल को 'नाला सोपारा' के लिए सम्मान

 साहित्य अकादमी ने हिन्दी में चित्रा मुद्गल,अंग्रेजी में अनीस सलीम, उर्दू में रहमान अब्बास, संस्कृत में रमाकांत शुक्ल और पंजाबी में मोहनजीत समेत कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया. 

साहित्य अकादमी पुरस्कार 2018: हिंदी में चित्रा मुद्गल को 'नाला सोपारा' के लिए सम्मान
लेखिका चित्रा मद्गल को उनके उपन्यास ‘पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा’ के लिए पुरस्कार मिला.(फोटो-facebook.com/SahityaAkademi)

नई दिल्ली: साहित्य अकादमी ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कारों की बुधवार को घोषणा की. अकादमी ने हिन्दी में चित्रा मुद्गल, अंग्रेजी में अनीस सलीम, उर्दू में रहमान अब्बास, संस्कृत में रमाकांत शुक्ल और पंजाबी में मोहनजीत समेत कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया. अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने यहां पत्रकारों को बताया कि इस बार सात कविता-संग्रहों, छह उपन्यासों, छह कहानी संग्रहों, तीन आलोचनाओं और दो निबंध संग्रहों का चयन प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है. उन्होंने बताया कि हिन्दी में लेखिका चित्रा मद्गल को उनके उपन्यास ‘पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा, जबकि अंग्रेजी में अनीस सलीम को उनके उपन्यास ‘ द ब्लाइंड लेडीज़ डीसेंडेंट्स’ के लिए पुरस्कृत किया जाएगा.

राव ने बताया कि उर्दू में उपन्यास ‘रोहज़िन’ के लेखक रहमान अब्बास जबकि संस्कृत में कविता संग्रह ‘मम जननी’ के लिए रमाकांत शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्होंने बताया कि पुरस्कारों की अनुशंसा 24 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समिति ने की थी और अकादमी के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में हुई अकादमी की कार्यकारी मंडल की बैठक में इन्हें बुधवार को अनुमोदित किया गया.

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.(फोटो-facebook.com/SahityaAkademi)

सचिव ने बताया कि अगले साल 29 जनवरी से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में विजेताओं को पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये की राशि, एक उत्कीर्ण ताम्रफलक और शॉल प्रदान की जाएगी. राव ने बताया कि मैथिली में वीणा ठाकुर के कहानी संग्रह ‘परिणीता’, राजस्थानी भाषा के कवि राजेश कुमार व्यास के कविता संग्रह ‘ कविता देवै दीठ’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा. 

हिंदी के लेखक एवं कवि योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ को साहित्य अकादमी का ‘भाषा सम्मान
साहित्य अकादमी ने कालजयी और मध्यकालीन साहित्य तथा गैर मान्यताप्राप्त भाषाओं में योगदान के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लेखकों को भाषा सम्मान देने का बुधवार को ऐलान किया. अकादमी के सचिव श्रीनिवास राव ने पत्रकारों को बताया कि कालजयी एवं मध्यकालीन साहित्य में योगदान के लिए उत्तरी क्षेत्र से (2017 के लिए) हिंदी के प्रख्यात कवि एवं लेखक डॉ. योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ को भाषा सम्मान देने का निर्णय किया है.

वहीं दक्षिण क्षेत्र से (2017 के लिए) कन्नड़ के प्रख्यात लेखक एवं आलोचक जी. वेंकटसुबैय्या का भाषा सम्मान के लिए चयन किया गया है. राव ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र से (2018 के लिए) ओड़िया के प्रख्यात विद्वान एवं लेखक डॉ गगनेंद्र नाथ दाश को भाषा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पश्चिम क्षेत्र में मराठी की प्रतिष्ठित लेखिका डॉ. शैलजा बापट को पुरस्कृत किया जाएगा. राव ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त भाषाओं की श्रेणी में कोशली-संबलपुरी में डॉ. हलधर नाग और डॉ प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी को संयुक्त रूप से पुरस्कार देना का निर्णय किया गया है.

उन्होंने बताया कि पाइते भाषा के प्रतिष्ठित लेखक एच. नेङसाङ को 2017 के लिए भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा. राव ने बताया कि हरियाणवी भाषा के लिए हरियाणा के प्रतिष्ठित लेखक हरिकृष्ण द्विवेदी और लेखिका डा. शमीम शर्मा को संयुक्त रूप से भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा. अकादमी के सचिव ने बताया कि भाषा सम्मान के तहत पुरस्कार विजेताओं को एक लाख रुपये नकद, एक उत्कीर्ण ताम्र फलक तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है. ये सम्मान भविष्य में कोई तिथि निर्धारित कर एक विशेष समारोह में साहित्य अकादमी के अध्यक्ष द्वारा प्रदान किए जाएंगे. 

इनपुट भाषा से भी 

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