दाल के लिए 40 हजार टन का बफर स्टॉक बनाने की योजना

दलहनों की आसमान छूती कीमतों के बीच केन्द्र सरकार नवंबर के पहले सप्ताह से नाफेड और एसएफएसी जैसी एजेंसियों के जरिये बफर स्टॉक के लिए 40,000 टन दलहनों की खरीद शुरु करेगी। बाजार में तुअर दाल 210 रुपये किलो तक पहुंच गयी है। मंत्रिमंडलीय परिपत्र इस संदर्भ में आगे प्रेषित किया जा चुका गया है। जरूरी हुआ तो बफर स्टॉक के लिए दाल का आयात भी किया जा सकता है।

भाषा भाषा | Updated: Oct 22, 2015, 07:07 PM IST
दाल के लिए 40 हजार टन का बफर स्टॉक बनाने की योजना

नई दिल्ली : दलहनों की आसमान छूती कीमतों के बीच केन्द्र सरकार नवंबर के पहले सप्ताह से नाफेड और एसएफएसी जैसी एजेंसियों के जरिये बफर स्टॉक के लिए 40,000 टन दलहनों की खरीद शुरु करेगी। बाजार में तुअर दाल 210 रुपये किलो तक पहुंच गयी है। मंत्रिमंडलीय परिपत्र इस संदर्भ में आगे प्रेषित किया जा चुका गया है। जरूरी हुआ तो बफर स्टॉक के लिए दाल का आयात भी किया जा सकता है।

दाल की कमी को देखते हुए इस समय कम से कम 5,000 टन आयातित दलहन देश में आ चुका है और उसे राज्यों को वितरित किया जा रहा है। आयात किया जा रहा 3,000 टन दाल रास्ते में है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयातित तुअर दाल को केन्द्रीय भंडार और सफल के करीब 500 बिक्री केन्द्रों पर 120 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी प्राप्त दर पर बेचा जा रहा है।

कृषि सचिव सिराज हुसैन ने बताया कि सरकार ने किसानों से खरीद के जरिये दलहनों का बफर स्टॉक निर्मित करने का फैसला किया है तथा जरुरत होने पर आयात करने का फैसला किया है। प्रमुख उत्पादक जिलों में तुअर, चना और उड़द सहित विभिन्न दलहनों की सीधा किसानों से खरीद की जायेगी।