इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी ABCD, आपके लिए सबसे जरूरी है यह जानकारी

सरकार ने पॉलिटिकल फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम का एलान कर दिया है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में इसका एलान करते हुए कहा कि भारत का कोई भी नागरिक या कोई कंपनी या संस्था पॉलिटिकल फंडिंग के लिए बॉन्ड खरीद सकेंगे.

इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी ABCD, आपके लिए सबसे जरूरी है यह जानकारी
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में पॉलिटिकल फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड का एलान किया.

नई दिल्ली: सरकार ने पॉलिटिकल फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम का एलान कर दिया है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में इसका एलान करते हुए कहा कि भारत का कोई भी नागरिक या कोई कंपनी या संस्था पॉलिटिकल फंडिंग के लिए बॉन्ड खरीद सकेंगे. ये बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विशेष शाखाओं में मिलेंगे. बॉन्ड खरीदे जाने के 15 दिन तक मान्य होंगे. आपको बता दें कि सरकार ने पिछले साल बजट में इसका एलान किया था. लेकिन तब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस पर आपत्ति जताई थी. 

क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड?
सरकार की ओर से आरबीआई ये बॉन्ड जारी करेगा. दान देने वाले बैंक से बॉन्ड खरीद सकेंगे. दान देने वाला किसी भी पार्टी को बॉन्ड दे सकेगा. इलेक्टोरल बॉन्ड बियरर चेक जैसे होंगे.राजनीतिक पार्टी अपने खाते में बॉन्ड भुना सकेगी. बॉन्ड से ये पता नहीं चलेगा कि चंदा किसने दिया है. इलेक्टोरल बॉन्ड का इस्तेमाल देश में पॉलिटिकल फंडिग के लिए किया जाएगा.

कौन होगा इन बॉन्ड में शामिल?
इस इलेक्टोरल बॉन्ड में तीन खिलाड़ी होंगे. पहला डोनर, जो राजनीतिक दलों को फंड डोनेट करना चाहता है. वह कोई व्यक्ति अथवा संस्था अथवा कंपनी हो सकता है. दूसरा, देश में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दल. तीसरा देश का केन्द्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया.

इलेक्टोरल बॉन्ड से क्या होगा?
पॉलिटिकल फंडिग और राजनीति में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य के साथ भारत पहला देश होगा जो इस तरह का बॉन्ड जारी करेगा. कुछ देशों में राजनीतिक पार्टियों का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है जिससे राजनीतिक दलों में भ्रष्टाचार न पनपने पाए.

इलेक्टोरल बॉन्ड की पूरी जानकारी
1. कौन खरीद सकता है

  • इसको भारतीय नागरिक, कंपनी खरीद सकेंगे
  • सिर्फ वो ही लोग खरीद सकेंगे जिनका केवाईसी पूरा हो गया है
  • नकद में नहीं खरीदे जा सकेंगे

2. कहां से खरीदे जा सकेंगे
इनको एसबीआई की विशेष ब्रांच में खरीद सकेंगे

3. कितने दिन के होंगे बॉन्ड

  • बॉन्ड में पैसे देने वाले का नाम नहीं होगा
  • ये 15 दिन के लिए होंगे
  • ये ब्याज मुक्त बैंकिंग इस्टूमेंट होंगे

4. कितने रुपए के होंगे ये बॉन्ड

  • ये बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ के डिनोमिनेशन में होंगे
  • बॉन्ड 10 दिन की विंडो में जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में खरीदा जा सकेगा
  • 2019 के आम चुनाव में 30 दिन का समय मिलेगा

5. इस तरह पूरी होगी इलेक्टोरल बॉन्ड की प्रक्रिया

  • नोटिफाईड बैंक को चुना जाएगा
  • बैंक बॉन्ड जारी करेंगे
  • बॉन्ड चेक या डिजिटल पेमेंट से खऱीदे जा सकेंगे
  • पैसा दान करने वाले को बताना होगा कि वो किस पार्टी को पैसा देना चाहता है
  • पार्टी ये बॉन्ड बैंक अकाउंट में जमा करेगी

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