16 अक्‍टूबर से काम करना बंद कर सकता है आपका ATM कार्ड, जानिए क्‍या है वजह

 16 कंपनियों ने आरबीआई के नियम को नहीं माना है. उनका कहना है कि भारत में डाटा स्‍टोरेज सिस्‍टम से न सिर्फ लागत खर्च बढ़ेगा बल्कि डाटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होंगे. 

16 अक्‍टूबर से काम करना बंद कर सकता है आपका ATM कार्ड, जानिए क्‍या है वजह
(फाइल फोटो)
Play

नई दिल्‍ली: अगर आपके पास वीजा, मास्‍टर कार्ड और अमेरिकन एक्‍सप्रेस का डेबिट या क्रेडिट एटीएम (ATM) कार्ड है तो यह 15 अक्‍टूबर के बाद काम करना बंद कर सकता है. इसका कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का वह नियम है जिसके तहत यूजर्स का डाटा विशेष रूप से भारत में ही स्टोर करने को अनिवार्य बनाया जा रहा है. लेकिन वीजा और मास्‍टरकार्ड समेत 16 पेमेंट कंपनियां इसे नहीं मान रहीं. उनका तर्क है कि लोकल डाटा स्‍टोरेज से उनका लागत खर्च काफी बढ़ जाएगा. 

62 कंपनियों ने आरबीआई के नियम को माना
आरबीआई के नियम के तहत हर पेमेंट कंपनी को पेमेंट सिस्‍टम से जुड़े डाटा का लोकल स्‍टोरेज करना अनिवार्य है, जो 16 अक्‍टूबर से प्रभावी हो जाएगा. भारत में ऐसी 78 पेमेंट कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें 62 ने आरबीआई के नियम को मान लिया है. इनमें अमेजन, व्‍हाट्सऐप और अलीबाबा जैसी ई कॉमर्स कंपनियां भी शामिल हैं.

ये भी पढ़ें- RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, 6.50% पर बरकरार

आरबीआई और समय देने के मूड में नहीं
जिन 16 कंपनियों ने आरबीआई के नियम को नहीं माना है, उनका कहना है कि भारत में डाटा स्‍टोरेज सिस्‍टम से न सिर्फ लागत खर्च बढ़ेगा बल्कि डाटा की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होंगे. उन्‍होंने आरबीआई से इस समयसीमा को और बढ़ाने की मांग की है. बड़ी और विदेशी पेमेंट कंपनियों ने वित्‍त मंत्रालय से इस मामले में हस्‍तक्षेप करने को कहा है. बिजनेस स्‍टैंडर्ड की खबर के मुताबिक आरबीआई इन कंपनियों को और समय देने के मूड में नहीं है. इन कंपनियों को पहले ही 6 माह का समय दिया जा चुका है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, RBI, Banks, ATM Card, magnetic strip ATM cards, Smart Chip ATM Card

सरकार ने बनाई थी समिति
सेवानिवृत न्यायाधीश बीएन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर सरकार ने निजी डाटा सुरक्षा विधेयक के मसौदे पर जन-सुझाव मांगा था. सुझाव देने की अंतिम तारीख पहले 10 सितंबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 30 सितंबर 2018 कर दिया गया था. डाटा सुरक्षा पर समिति ने अपनी रिपोर्ट जुलाई में केंद्र सरकार को सौंपी थी.

change your Magstripe Debit Cards to EMV Chip Debit Cards by the end of 2018

डाटा लोकलाइजेशन से अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ेगा असर
हालांकि विचार मंच ब्राडबैंड इंडिया फोरम (बीआईएफ) का कहना है कि डाटा लोकलाइजेशन अनिवार्य किए जाने से देश की आर्थिक विकास दर पर असर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को इसमें उदारता का रुख दिखाना चाहिए. बीआईएफ के अनुसार, डाटा लोकलाइजेशन से लागत का बोझ बढ़ जाएगा, जिससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. विचार मंच ने कहा, 'बीआईएफ सरकार से डाटा सुरक्षा के अंतिम विधेयक में ज्यादा उदारता का रुख दर्शाने पर विचार करने की मांग करता है.'

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close