आर्थिक मोर्चे पर दोहरी खुशी, औद्योगिक उत्पादन बढ़ा और महंगाई कम हुई

 खनन एवं बिजली क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में अगस्त माह के दौरान 4.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई.

भाषा | Updated: Oct 12, 2017, 11:14 PM IST
आर्थिक मोर्चे पर दोहरी खुशी, औद्योगिक उत्पादन बढ़ा और महंगाई कम हुई
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जारी किए आकड़े...(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: खनन एवं बिजली क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन में अगस्त माह के दौरान 4.3 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. यह वृद्धि पिछले नौ माह में सर्वाधिक रही. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर मापे जाने वाले औद्योगिक उत्पादन में एक साल पहले अगस्त माह में 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी. इससे पहले, नवंबर 2016 में औद्योगिक उत्पादन में सर्वाधिक 5.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी.

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के पांच माह के दौरान हालांकि, आईआईपी वृद्धि 2.2 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2016-17 की इसी अवधि में 5.9 प्रतिशत रही थी. इस बीच, जुलाई 2017 के आईआईपी आंकड़ा को संशोधित कर 0.94 प्रतिशत किया गया है. पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान में इसके 1.2 प्रतिशत रहने का आंकड़ा जारी किया गया था. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 77.63 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि हालांकि अगस्त माह में घटकर 3.1 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी महीने में 5.5 प्रतिशत थी. खनन और बिजली क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि सालाना आधार पर अगस्त महीने में क्रमश: 9.4 प्रतिशत और 8.3 प्रतिशत रही.

वस्तुओं के उपयोग के आधार पर देखा जाए तो आलोच्य महीने में प्राथमिक वस्तुओं में 7.1 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 5.4 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 0.2 प्रतिशत की गिरावट और बुनियादी ढांचा (निर्माण से जुड़ी वस्तुओं) के मामले में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई. टिकाऊ उपभोक्ता और गैर-टिकाऊ उपभोक्ता क्षेत्रों की वृद्धि क्रमश: 1.6 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत रही. उद्योग के संदर्भ में देखा जाए तो अगस्त 2017 में 23 औद्योगिक समूह में से 10 में सकारात्मक वृद्धि हुई.

उधर, देश की खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में 3.28 फीसदी पर बरकरार रही, हालांकि खाद्य कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति अगस्त की तुलना में सितंबर में 3.28 फीसदी पर स्थिर रही. क्रमिक आधार पर उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीईपीआई) समीक्षाधीन माह में गिरकर 1.25 फीसदी पर रही, जबकि अगस्त में यह 1.52 फीसदी पर थी. हालांकि साल-दर-साल आधार पर सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति पिछले साल के सितंबर में दर्ज 4.39 फीसदी से कम दर्ज की गई.