शीतकालीन सत्र में 6 विधेयक पारित कराएगी श्रम मंत्रालय

सुधारों की रफ्तार तेजी से आगे बढ़ाने के लिए श्रम मंत्रालय अगले महीने शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान संसद में छह विधेयक पेश करने की तैयारी में लगा है।

भाषा | Updated: Oct 22, 2015, 06:34 PM IST

नई दिल्ली : सुधारों की रफ्तार तेजी से आगे बढ़ाने के लिए श्रम मंत्रालय अगले महीने शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान संसद में छह विधेयक पेश करने की तैयारी में लगा है।

सूत्रों ने कहा कि श्रम बाजार में सुधार के लिए छह विधेयकों पर काफी काम किया जा चुका है। मंत्रालय अगले महीने से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में इन्हें पारित कराने का इच्छुक है। सूत्रों ने बताया कि इन विधेयकों में बाल श्रम (प्रतिबंध एवं नियमन) संशोधन विधेयक, 2012 और बोनस भुगतान (संशोधन) विधेयक 2015 शामिल हैं जिन्हें मंत्रिमंडल से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने औद्योगिक संबंध, 2015, लघु फैक्ट्री (रोजगार एवं सेवा की दशाओं का नियमन) विधेयक 2014 और वेतन पर श्रम संहिता पर त्रिपक्षीय परामर्श पूरा कर लिया है। इन्हें पढ़ने के लिए कानून मंत्रालय को भेजा गया है और उसकी राय आनी बाकी है। इन विधेयकों के वहां से ठीक पाये जाने के बाद इन्हें मंत्रिमंडल के अनुमोदन के पास भेजा जाएगा और उसके बाद इन्हें संसद में रखा जाएगा।

मंत्रालय जल्दी ही कर्मचारी भविष्य निधि एवं अन्यान्य प्रावधान कानून में संशोधन विधेयक पर मंत्रिमंडल प्रस्ताव का मसौदा जल्दी ही तैयार करेगा। इसके बाद इसे कानून मंत्रालय और फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। अनिवार्य मंजूरी मिल जाने पर इसे संसद में पेश किया जाएगा।

श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने पिछले महीने कहा था कि बाल श्रम संशोधन विधेयक, ईपीएफ विधेयक और बोनस भुगतान विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित कराने के लिए पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि समय मिला तो वेतन संहिता और औद्योगिक संबंध संहिता लाएंगे। इन विधेयकों पर एक बार फिर परामर्श होगा और इसके बाद ये मंत्रिमंडल के पास जाएगा।