NSE ने गीतांजलि जेम्स समेत 24 कंपनियों पर लगाया जुर्माना

एनएसई के प्रवक्ता ने मीडिया को कहा कि कंपनियों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके तहत उन्हें एनएसई से निलंबित भी किया जा सकता है.

NSE ने गीतांजलि जेम्स समेत 24 कंपनियों पर लगाया जुर्माना
पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की कंपनी है गीतांजलि जेम्स (फाइल फोटो)

मुंबईः नेशनल स्टॉक एक्सचेंज( एनएसई) ने 31 दिसंबर को समाप्त तिमाही का परिणाम घोषित करने में असफल रहने को लेकर 24 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. इन कंपनियों में पीएनबी घोटाले में फंसे मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स भी शामिल है. एनएसई के प्रवक्ता ने मीडिया को कहा कि कंपनियों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके तहत उन्हें एनएसई से निलंबित भी किया जा सकता है. सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विसेज लिमिटेड( सीडीएसएल) ने इन कंपनियों के निवेशकों को पत्र के जरिये इस निर्णय की सूचना दे दी है.

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ एनएसई ने वित्तीय परिणाम घोषित नहीं करने वाली कंपनियों के शेयरधारकों को सीडीएसएल के जरिये सूचित करना शुरू कर दिया है.’’  इस सूची में शामिल अन्य कंपनियां एबीजी शिपयार्ड, एमटेक ऑटो, डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स, भारती डिफेंस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, एडुकॉम्प सॉल्यूशंस, श्री रेणुका शुगर्स, मोजर- बेयर( आई) और स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं.

सनसनीखेज खुलासा: मुंबई की चाल में रहते हैं मेहुल चोकसी की कंपनी के डायरेक्टर्स

बता दें कि पीएनबी के अरबों रुपये के घोटाले के आरोपी और गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चोकसी ने सीबाआई को अपना जवाब भेजा है. मेहुल चोकसी की तरफ से भेजे गए पत्र की कॉपी ZEE NEWS के पास मौजूद है. मेहुल चोकसी ने पत्र में लिखा कि पासपोर्ट रद्द करना मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन है. उसने आगे लिखा कि मैं अपनी सेहत को लेकर चिंतित हूं. मेरा हार्ट का इलाज चल रहा है. अगर में गिरफ्तार हुआ तो उचित इलाज नहीं मिलेगा. उसने लिखा कि गिरफ्तारी के बाद मेरा इलाज सिर्फ सरकारी अस्पताल में होगा, हो सकता है मुझे प्राइवेट अस्पताल में नह भेजा जाए.

आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है
मेहुल चोकसी ने पत्र में लिखा है कि संविधान मुझे उचित इलाज का अधिकार देता है. उसने यह भी लिखा कि मीडिया में मेरे खिलाफ ट्रायल हो रहा है. मीडिया ट्रायल की वजह से मेरा पासपोर्ट सस्पेंड हुआ है. मेरे ऊपर लगाए गए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है. राजनीतिक पार्टियां फायदे के लिए इस मुद्दे को उठा रही हैं. प्रक्रिया पूरी किए बिना ही मेरा पासपोर्ट सस्पेंड किया गया है. उसने पत्र में यह भी लिखा कि मेरे परिवार को भी परेशान किया जा रहा है और लगातार धमकियां दी जा रही हैं.

बचाव में दिखाने के लिए कुछ भी नहीं
मेहुल चोकसी ने पत्र में लिखा कि मेरे पास अपने बचाव के लिए दिखाने को कुछ भी नहीं है. उसने लिखा कि इलाज होने के कारण मैं अभी चार से छह हफ्ते तक नहीं आ सकता. मेहुल ने सीबीआई से यह भी पूछा है कि किस आरोप में मेरा पासपोर्ट रद्द किया है. मुझसे भारत की सुरक्षा को कैसा खतरा है. उसने लिखा कि इस बारे में मैंने आरपीओ मुंबई से जानकारी भी लेनी चाही लेकिन कोई स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया गया. उसने यह भी लिखा कि मैं सीबीआई और ईडी से पूछना चाहता हूं कि मैं भारत की सुरक्षा के लिए खतरा कैसे हूं और मेरा पासपोर्ट क्‍यों निलंबित किया गया है.

आपको बता दें कि पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में शुमार और गीतांजलि जेम्स के प्रमुख मेहुल चोकसी ने कुछ दिन पहले ही अपनी कंपनी बंद कर दी है. मेहुल चोकसी ने कर्मचारियों को भेजी एक चिट्ठी में कहा था कि वह अपना रिलिविंग लेटर ले सकते हैं. 

क्या सच में बंद हो गई कंपनी?
एक अंग्रेजी टीवी चैनल ने दावा किया था कि, मेहुल चोकसी ने कंपनी बंद कर दी है और कर्मचारियों के साथ फाइनल सेटलमेंट भी नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही सवाल यह भी उठता है कि कंपनी में सालों से काम करने वाले कर्मचारियों को पीएफ और ग्रैच्‍युटी का लाभ मिलेगा या नहीं? अगर सच में ऐसा हुआ है तो ऐसे में कर्मचारियों को बड़ा नुकसान झेलना होगा. सूत्रों की मानें तो गीतांजलि जूलर्स में तकरीबन तीन हजार कर्मचारी काम करते हैं. इन सभी को तत्‍काल प्रभाव से नौकरी छोड़ने का निर्देश दिया गया है. 

शीर्ष अधिकारी दे चुके हैं इस्तीफा
पीएनबी महाघोटाले में नाम सामने आने के बाद कंपनी के शीर्ष अधिकारी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. इनमें गीतांजलि के सीएफओ लेकर बोर्ड के चार शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. इस्तीफा देने वालों में सीएफओ चंद्रकांत करकरे, कंपनी सेक्रेट्री और सीसीओ पंखुरी वारंगे और बोर्ड सदस्‍य कृष्‍णनन संगमेस्‍वरन के नाम सामने आए हैं.

(इनपुट भाषा से)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close