पीयूष गोयल ने रेलवे से कहा, बिजली घरों को कोयला आपूर्ति बढ़ाएं

सूत्रों के अनुसार यह निर्णय किया गया है कि कोयला उठाव मौजूदा 464 रैक प्रतिदिन से बढ़ाकर 500 रैक प्रतिदिन किया जाए. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिजली घरों में ईंधन की कमी से बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हो. 

पीयूष गोयल ने रेलवे से कहा, बिजली घरों को कोयला आपूर्ति बढ़ाएं
कोयला मंत्री पीयूष गोयल (फाइल मंत्री)

नई दिल्ली: कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे से गर्मियों में बिजली की मांग पूरा करने के लिए कोल उठाव बढ़ाकर 500 रैक प्रतिदिन करने को कहा है. बिजली घरों में कोयले की कमी के बीच उन्होंने यह बात कही. पिछले सप्ताह एक बैठक में मंत्री ने विभिन्न बिजली घरों में कोयला भंडार और रेलवे के कोयला उठाव की स्थिति का जायजा लिया. आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘‘ यह पाया गया है कि50 से अधिक बिजली घरों में कोयला भंडार निर्धारितसुरक्षित स्तर से कम है.’’ 

सूत्रों के अनुसार यह निर्णय किया गया है कि कोयला उठाव मौजूदा 464 रैक प्रतिदिन से बढ़ाकर 500 रैक प्रतिदिन किया जाए. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिजली घरों में ईंधन की कमी से बिजली आपूर्ति बाधित नहीं हो. अधिकारियों के अनुसार इसके अलावा कोयले के लदान एवं अधिक परिवहन सुनिश्चत करने के लिये कोयला मंत्रालय के अधिकारी कोयला कंपनियों में तैनात किए जाएंगे.

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उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार पिछले मानसून से कोयले की आपूर्ति नहीं सुधरी है. उस समय कुछ बिजली संयंत्रों में कोयले की भारी कमी थी. बिजली एक्सचेंज में बिजली की दर 11 रुपये प्रति यूनिट पहुंचने के बाद बिजली, कोयला तथा रेल मंत्रालयों ने संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में सुधार को लेकर कई उपाय किये थे.

सरकार ने जनवरी में कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के इरादे से ढुलाई के लिए अलग से रेल परिवहन तथा कोयला खादानों से 500 किलोमीटर की दूरी पर बिजली परियोजनाएं लगाने समेत कई उपाय किए. 

सरकार का यह भी कहना है कि कम कोयला भंडार के लिये बिजली उत्पादक को भी जिम्मेदार ठहराया . उसका कहना था कि कोयले की कोई कमी नहीं है और संयंत्रों को ईंधन के भंडार के लिये केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के दिशानिर्देशों का अनुपालन करना चाहिए.

(इनपुट - भाषा)

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