मोदी सरकार के इस नए फॉर्मूले से बढ़ जाएगी आपकी इन हैंड सैलरी!

केंद्रीय कर्मचारियों के 7वें वेतन आयोग से इतर बेसिक पे बढ़ाने की मांग के बीच केंद्र सरकार ने सैलरी बढ़ाने का दूसरा तरीका ढूंढ निकाला है.

मोदी सरकार के इस नए फॉर्मूले से बढ़ जाएगी आपकी इन हैंड सैलरी!
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्‍ली: केंद्रीय कर्मचारियों के 7वें वेतन आयोग से इतर बेसिक पे बढ़ाने की मांग के बीच केंद्र सरकार ने सैलरी बढ़ाने का दूसरा तरीका ढूंढ निकाला है. मीडिया रिपोर्ट में दावा है कि श्रम मंत्रालय ऐसी योजना पर काम कर रहा है जिससे कर्मचारी का पीएफ में कांट्रिब्‍यूशन 12 फीसदी से घटकर 10 फीसदी रह जाएगा. फिलवक्‍त कर्मचारी और नियोक्‍ता मिलकर कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) कोष में 24 फीसदी का कांट्रिब्‍यूशन करते हैं. इसमें कर्मचारी के वेतन से 12 फीसदी, नियोक्‍ता की ओर से बेसिक का 3.67 फीसदी योगदान ईपीएफ में और 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन योजना में कांट्रिब्‍यूशन होता है. श्रम मंत्रालय की समिति अगस्‍त के अंत तक अपनी फाइनल रिपोर्ट दे देगी.

सामाजिक सुरक्षा योजना में 10 करोड़ को कवर
सरकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत कवर किए जा रहे 10 करोड़ लोगों की संख्‍या बढ़ाकर 50 करोड़ करना चाहती है. इकोनॉमिक टाइम्‍स की खबर के मुताबिक सरकार सामाजिक सुरक्षा योजना में कवर लोगों की संख्‍या में 5 गुना की बढ़ोतरी कर रही है. इससे हरेक श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा का कवर मुहैया हो जाएगा. इससे नियोक्‍ता और कर्मचारी दोनों लाभान्वित होंगे. 

अब 75 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं
जून में ईपीएफओ ने अपने उपभोक्‍ताओं को यह विकल्‍प दिया था जिसमें वह 75 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं. इसमें शर्त यह थी कि अगर कोई कर्मचारी एक महीने से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहता है तो वह इस स्थिति में अपने फंड की 75 प्रतिशत तक राशि निकाल सकता है. ऐसा करने से उसका पीएफ अकाउंट भी एक्टिव रहेगा. इस बारे में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की तरफ से ईपीएफओ के ट्रस्टी की बैठक के बाद यह जानकारी दी गई थी. गंगवार ईपीएफओ के न्यासियों के केंद्रीय बोर्ड के चेयरमैन भी हैं.

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दो महीने बेरोजगार होने पर अलग प्रावधान
गंगवार ने बताया था कि हमने इस योजना में संशोधन का निर्णय किया है. इसके तहत एक महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में ईपीएफओ का कोई भी सदस्य 75 प्रतिशत तक राशि को अग्रिम तौर पर निकाल सकता है और अपने खाते को बनाए रख सकता है. ईपीएफओ योजना 1952 के नए प्रावधान के तहत दो महीने तक बेरोजगार रहने की स्थिति में यूजर अपनी बची हुई 25 प्रतिशत राशि की भी निकासी कर खाते को बंद कर सकता है.

यह है मौजूदा नियम
मौजूदा समय में कोई भी पीएफ खाता धारक दो माह तक बेरोजगार रहने के बाद ही इस राशि की निकासी कर सकता है. श्रम मंत्री ने यह भी कहा कि ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में ईपीएफओ का निवेश 47,431.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और जल्दी ही यह एक लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा. इस निवेश पर प्रतिफल 16.07 प्रतिशत है.

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