अमेरिका की बीमा कंपनियों को चेतावनी, 'ईरान के जहाजरानी उद्योग से दूर रहें'

अमेरिका के विदेश मंत्रालय में ईरान नीति पर विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध बीमा कंपनियों पर भी लागू होते हैं.

अमेरिका की बीमा कंपनियों को चेतावनी, 'ईरान के जहाजरानी उद्योग से दूर रहें'

वॉशिंगटन: अमेरिका ने सभी बंदरगाह और बीमा कंपनियों को चेतावनी दी है कि वह ईरानी जहाजरानी उद्योग से दूरी बनाकर रखें. इसे अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद की फ्लोटिंग लायबिलिटी की संज्ञा दी गई है. अमेरिका की कोशिश सोमवार से ही ईरान की सारी तेल बिक्री, इसका निर्यात रोकने की है, ताकि इसके प्रभाव को कम किया जा सके.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय में ईरान नीति पर विशेष प्रतिनिधि ब्रायन हुक का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध बीमा कंपनियों पर भी लागू होते हैं. हुक ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि ईरान की जहाजरानी कंपनियों को इस तरह की सुविधाएं (बीमा) देने पर रोक अमेरिकी प्रतिबंधों का परिणाम है. 

उन्होंने कहा कि स्वेज नहर से मलक्का के जलडमरूमध्य तक और इसके बीच में पड़ने वाले सभी चेक पॉइंट तक तैरते ईरानी जहाज अब एक फ्लोटिंग लायबिलिटी बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि ईरानी जहाज वापस घरेलू बीमा कंपनियों की ओर लौट सकते हैं लेकिन बड़ी दुर्घटना की स्थिति में उनके इस करोड़ो-अरबों डॉलर के नुकसान की भरपाई करने की क्षमता पर संदेह है.

चाबहार पोर्ट के विकास के लिए कुछ प्रतिबंधों से भारत को दी छूट
अमेरिका ने ईरान में विकसित किए जा रहे सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह और इसे अफगानिस्तान से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भारत को कुछ प्रतिबंधों से छूट दी है. ट्रंप प्रशासन का यह फैसला दिखाता है कि ओमान की खाड़ी में विकसित किए जा रहे इस बंदरगाह में भारत की भूमिका को अमेरिका मान्यता देता है. ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए और छूट देने में भी उसका रुख बेहद सख्त है लेकिन भारत के प्रति वह नरम रवैया अपनाए हुए है. यह बंदरगाह युद्ध ग्रस्त अफगानिस्तान के विकास के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. 

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