यादों में...जब उस मशहूर गायक ने किशोर दा को दी अपनी मखमली आवाज

किशोर कुमार को पहली बार गाने का मौका मिला 1948 में बनी फिल्म 'जिद्दी' में, जिसमें उन्होंने देव आनंद के लिए गाना गाया. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Oct 13, 2017, 02:11 PM IST
यादों में...जब उस मशहूर गायक ने किशोर दा को दी अपनी मखमली आवाज
किशोर दा की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में 1946 में आई फिल्म 'शिकारी' से हुई थी...

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के खंडवा के किशोर कुमार 58 साल के थे, जब 13 अक्टूबर 1987 में उनकी मृत्यु हो गई थी. उनका बचपन का नाम आभास गांगुली था. किशोर दा की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में 1946 में आई फिल्म 'शिकारी' से हुई थी. इस फिल्म में उनके बड़े भाई अशोक कुमार ने प्रमुख भूमिका निभाई थी. उन्हें पहली बार गाने का मौका मिला 1948 में बनी फिल्म 'जिद्दी' में, जिसमें उन्होंने देव आनंद के लिए गाना गाया. 

किशोर कुमार के बारे में एक मजेदार बात यह है कि उनकी शुरुआत की कई फिल्मों में मोहम्मद रफी ने आवाज दी थी. मोहम्मद रफी ने फिल्म ‘रागिनी’ तथा ‘शरारत’ में किशोर दा को अपनी आवाज उधार दी तो मेहनताना लिया सिर्फ एक रुपये. किशोर दा के एल सहगल के जबरदस्त प्रशंसक थे, इसलिए उन्होंने यह गीत उनकी शैली में ही गाया. 'जिद्दी' की सफलता के बावजूद उन्हें न तो पहचान मिली और न कोई खास काम मिला. 

शुरू में किशोर दा को एसडी बर्मन और अन्य संगीतकारों ने अधिक गंभीरता से नहीं लिया था और उनसे हल्के स्तर के गीत गवाए गए, लेकिन किशोर दा ने 1957 में बनी फिल्म 'फंटूस' में 'दुखी मन मेरे' गीत से अपनी ऐसी धाक जमाई कि जाने माने संगीतकारों को किशोर कुमार की प्रतिभा का लोहा मानना पड़ा. इसके बाद एसडी बर्मन ने किशोर कुमार को अपने संगीत निर्देशन में कई गीत गाने का मौका दिया.

आरडी बर्मन के संगीत निर्देशन में किशोर कुमार ने 'मुनीम जी', 'टैक्सी ड्राइवर', 'फंटूश', 'नौ दो ग्यारह', 'पेइंग गेस्ट', 'गाईड', 'ज्वेल थीफ', 'प्रेम पुजारी', 'तेरे मेरे सपने' जैसी फिल्मों में अपनी जादुई आवाज से फिल्मी संगीत के दीवानों को अपना दीवाना बना लिया. एक अनुमान के अनुसार किशोर कुमार ने वर्ष 1940 से वर्ष 1980 के बीच के अपने करियर के दौरान करीब 574 से अधिक गाने गाए. 

किशोर दा ने हिन्दी के साथ ही तमिल, मराठी, असमी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी, मलयालम और उड़िया फिल्मों के लिए भी गीत गाए. उनको आठ फिल्म फेयर पुरस्कार मिले, उनको पहला फिल्म फेयर पुरस्कार 1969 में 'अराधना' फिल्म के गीत 'रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना' के लिए दिया गया था. किशोर कुमार की खासियत यह थी कि उन्होंने देव आनंद से लेकर राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन के लिए अपनी आवाज दी और इन सभी अभिनेताओं पर उनकी आवाज ऐसी रची बसी मानो किशोर खुद उनके अंदर मौजूद हों. 

किशोर कुमार ने 81 फिल्मों में अभिनय किया और 18 फिल्मों का निर्देशन भी किया. फिल्म 'पड़ोसन' में उन्होंने जिस मस्त मौला आदमी के किरदार को निभाया और वही किरदार वह जिंदगीभर अपनी असली जिंदगी में निभाते रहे. 

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