प्रतीक बब्बर ने ड्रग एडिक्शन पर किया चौंकाने वाला खुलासा

बचपन में मैं इंट्रोवर्ट था और अक्सर लोगों से सामाजिक मेल-जौल से दूर रहता था. जब मेरा सामना ड्रग्स से हुआ तो मुझे लगा कि मुझे मेरी परेशानियों का समाधान मिल गया लेकिन खेल और संगीत की तरह यह भी कुछ समय के लिए ही राहत देता था.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Aug 13, 2017, 09:46 AM IST
प्रतीक बब्बर ने ड्रग एडिक्शन पर किया चौंकाने वाला खुलासा
13 साल में शुरू किया था ड्रग्स लेना (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रतीक बब्बर बॉलीवुड का एक जाना पहचाना नाम और चेहरा है. दरअसल, प्रतीक, राज बब्बर और स्मिता पाटिल के बेटे हैं और उन्होंने 2008 में जाने तू... या जाने न फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री की थी. इस फिल्म में उन्होंने जेनेलिया देशमुख के भाई का किरदार निभाया था और उनके इस किरदार को लोगों द्वारा काफी पसंद किया गया था. इसके बाद प्रतीक ने कई सारी फिल्में की लेकिन उनकी कोई भी फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई. वैसे तो वह काफी दिनों से सुर्खियों में नहीं थे लेकिन अचानक उन्होंने अपने ड्रग्स के एडिक्शन के बारे में बात की और इससे सनसनी फैल गई. उन्होंने मिड-डे को अपने ड्रग्स के एडिक्शन को लेकर खुल कर बात की और कैसे इससे निजात पाया इसके बारे में भी बताया. तो चलिए आपको बताते हैं उनकी कहानी:

13 साल की उम्र में शुरू किया था ड्रग्स लेना

ड्रग्स के साथ मेरे संघर्ष की कहानी हाई स्कूल से पहले शुरू हुई थी. हालांकि, खेल और संगीत से कुछ राहत मिली थी. मेरी सबसे पहली ड्रग मेरा डिस्टर्ब बचपन था. मेरे दिमाग में आवाज गूंजती थी कि मैं कौन हूं और कहां से आया हूं, लेकिन ड्रग एक छलावे के रूप सामने आई, सिर्फ पल भर के लिए राहत दे देती थी. साल गुजरते गए और मेरा परिचय नारकोटिक की अंधेरी दुनिया से हुआ. इस तरह 13 साल की उम्र में मैंने पहली बार ड्रग्स लेना शुरू किया. 

इससे परेशानियां खत्म हो जाएंगी

बचपन में मैं इंट्रोवर्ट था और अक्सर लोगों से सामाजिक मेल-जौल से दूर रहता था. जब मेरा सामना ड्रग्स से हुआ तो मुझे लगा कि मुझे मेरी परेशानियों का समाधान मिल गया लेकिन खेल और संगीत की तरह यह भी कुछ समय के लिए ही राहत देता था. जैसे ही नशा खत्म होता था, सब गायब हो जाता था. मैं रात के समय ड्रग्स नहीं लेता था, जैसे पार्टी में जाने वाले लोग लेते हैं. मैं दिन के समय में ड्रग्स लेता था ताकि पूरा दिन शांति से निकल जाए. यह मुझे मेरे अस्तित्व के लिए चाहिए था. 

फर्स्ट इयर में बहुत सी ड्रग्स का पता चला

मैं कोलेज के फर्स्ट इयर में था और उस समय मेरे सीनियर्स ने मुझे एसिड, कोकेन और एक्सटेसी जैसी ड्रग्स के बारे में बताया. पहले यह गोलियां मैं कभी-कभार लिया करता था लेकिन जल्द ही यह मेरी हर वक्त की साथी बन गईं. मैं यह नहीं कहूंगा कि ड्रग्स के इफेक्ट्स को लेकर मैं परिचित नहीं था, परिचित तो था लेकिन मैं इसके लिए तैयार नहीं था. नशा उतरने के बाद इसके लक्षण बहुत खराब होते थे. मेरा बेड से उठ पाना मुश्किल होता था. हर सुबह उल्टी जैसा लगता था. शरीर में दर्द होता था. ऐसे समय में मुझे जो ड्रग मिल जाया करती थी मैं उस ड्रग को ले लेता था. 

मेरी गलती थी 

मैं बेवकूफ था, जो मैं सोचता था कि ड्रग्स से मुझे वो सब चीज मिल जाएंगी जिसे मैंने खोया था. मैं सोचता था कि मुझे इससे लव और एक्सेप्टेंस मिल जाएगा, लेकिन जैसे ही नशा हवा होता, तो यह सब खराब फैसले के तौर पर मेरे सामने आता. ड्रग्स मेरे लिए केवल एक रात का सहारा नहीं था बल्कि इसकी अति हो रही थी. यह धीरे-धीरे बड़ती जा रही थी. 

ड्रग्स छोड़े हुए हो गया 1 साल

अपनी जिंदगी के इन सब पहलुओं के बारे में बताने का मेरा एक ही उद्देश्य है कि इससे जुड़ी किसी भी गलत बात को नकार सकूं. मुझे लगता था कि यह अब सारी जिंदगी मेरा साथ नहीं छोड़ेगी लेकिन मैं सभी ड्रग्स एडिक्ट्स को बताना चाहता हूं कि सबके लिए मदद मौजूद है. मैं यह नहीं कहूंगा कि ऐसा करना आसान है लेकिन यह उस जिंदगी से आसान है जो आपको हर पल तबाही की ओर ले जा रही है. आज मुझे ड्रग्स छोड़े हुए 1 साल हो गया है. अब मेरी प्राथमिकताएं बदल गई हैं. पहले मैं सोचता था कि मैं अपनी पूरी जिंदगी संयमित कैसे रहूंगा लेकिन आज में संयमित हूं और यही मेरे लिए काफी है.