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पार्किंसन का इलाज अल्जाइमर के लिए भी मददगार, स्टडी में आया सामने

पार्किंसन का इलाज अल्जाइमर के लिए भी मददगार, स्टडी में आया सामने

हाल ही में सामने आए एक अध्ययन में कहा गया है कि पार्किंसन के लिए इस्तेमाल होने वाला इलाज अल्जाइमर और हंटिंगटन जैसी बीमारियों में भी मददगार हो सकता है. अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि इन सभी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों में असामान्य प्रोटीन पाया जाता है और इन सभी में मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट करने की एकसमान क्षमता होती है.

शोध में खुलासा: धमनी रोग में फ़ायदेमंद है रोज़ भोजन में फल, सब्ज़ियां का सेवन

शोध में खुलासा: धमनी रोग में फ़ायदेमंद है रोज़ भोजन में फल, सब्ज़ियां का सेवन

प्रतिदिन अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाने से पैरों में रक्त प्रवाह को प्रभावित करने वाली धमनियों के रोगों के विकास का खतरा कम हो सकता है. पेरीफरल आर्टरी डिसीस (पीएडी) पैरों की धमनियों को संकुचित करती है, मांसपेशियों में रक्त प्रवाह को सीमित कर देती है और इससे चलने या खड़े रहने के दौरान तेज दर्द होता है. निष्कर्षो से पता चला है कि जो लोग दिन में तीन या इससे अधिक बार फलों व सब्जियों का सेवन करते हैं, उन्हें फलों व सब्जियों का कम सेवन करने वाले लोगों की तुलना में 18 प्रतिशत कम पीएडी होने का खतरा होता है.

हड्डी की वसा घटाने में मददगार है वर्जिश, रिसर्च में खुलासा

हड्डी की वसा घटाने में मददगार है वर्जिश, रिसर्च में खुलासा

नियमित व्यायाम अस्थिमज्जा में जमा हो रहे वसा को घटाने में कारगर है और इससे हड्डी की गुणवत्ता हफ्तों में सुधारी जा सकती है. यह बात एक शोध में सामने आई है. शोधपत्र का प्रकाशन 'जर्नल ऑफ बोन एंड मिनरल रिसर्च' में किया गया है. इसमें कहा गया है कि मोटापे के शिकार व्यक्तियों में हड्डी की गुणवत्ता बेहद खराब होती है. वे अपने दुर्बल समकक्षों की तुलना में अपनी हड्डियों को व्यायाम से ज्यादा स्वस्थ रख सकते हैं.

जानिए, आखिर क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं को दिल का दौरा पड़ने के मामले

जानिए, आखिर क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं को दिल का दौरा पड़ने के मामले

नई दिल्लीः पर्यावरण मंत्री अनिल दवे की 60 साल में और बॉलीवुड अदाकारा रीमा लागू की 59 साल की उम्र में अचानक मृत्यु होने ने बगैर किसी चेतावनी के पड़ने वाले दिल का दौरा के बारे में चि

हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर क्यों है? जानिए जरूरी बातें

हाई ब्लड प्रेशर साइलेंट किलर क्यों है? जानिए जरूरी बातें

उच्च रक्तचाप एक ऐसी समस्या है जिसके कोई विशेष लक्षण नहीं होते और इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है. विशेषज्ञों का कहना है सिर दर्द, नजर कमजोर होने, नींद सही से नहीं आने जैसी समस्याओं की जांच के लिए जब लोग जाते हैं तो पता चलता है कि रक्तचाप बढ़ा हुआ है और नियमित दवाई से ही इसे नियंत्रित रखा जा सकता है.

पिता बनने की इच्छा रखने वालों के लिए बिस्तर पर जल्दी जाना फायदेमंद

पिता बनने की इच्छा रखने वालों के लिए बिस्तर पर जल्दी जाना फायदेमंद

एक शोध में पता चला है कि ऐसे लोग, जिन्होंने रात 8 बजे से 10 बजे के बीच में सोए, उनमें शुक्राणुओं की गतिशीलता सबसे अच्छी रही.

असम में प्यास बुझाने के साथ नई पीढ़ी को धीमी मौत दे रहा ज़हरीला पानी

असम में प्यास बुझाने के साथ नई पीढ़ी को धीमी मौत दे रहा ज़हरीला पानी

 पानी के मोल पर फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' के लिए गीतकार संतोष आनंद ने बेहद खूबसूरत बोल लिखे थे - 'पानी रे पानी तेरा रंग कैसा, भूखे की भूख और प्यास जैसा.' लेकिन उपभोक्तावादी समाज के स्वार्थ ने अमृत समान पानी को इतना मैला कर दिया कि अब यह प्यास तो बुझा रहा है, लेकिन साथ में दे रहा है धीमी मौत. जहरीले पानी की समस्या के कारण असम के केवल होजई में ही पिछले छह साल के भीतर पांच साल से कम आयु के एक हजार से अधिक बच्चे फ्लोरोसिस के कारण अपंग हो चुके हैं.

'सोडायुक्त कृत्रिम पेय से हो सकती है नपुंसकता'

'सोडायुक्त कृत्रिम पेय से हो सकती है नपुंसकता'

इस तरह के पेय में कृत्रिम स्वीटनर एस्पार्टामे का इस्तेमाल किया जाता है, जो मनुष्यों में अंत:स्रावी प्रणाली को बाधित कर सकता है. इससे हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है और महिलाओं में नुपंसकता के खतरे को बढ़ाता है.

यदि आपका बच्चा स्मार्टफोन-टैबलेट से खेलता है तो हो जाइये सावधान !

यदि आपका बच्चा स्मार्टफोन-टैबलेट से खेलता है तो हो जाइये सावधान !

टोरंटोः ऐसे लोगों के लिए यह काम की खबर हो सकती है, जिनके बच्चे अभी छोटे हैं.

मां ने की बेटे के पैर की मसाज, गलत नस दबने से हुई मौत

मां ने की बेटे के पैर की मसाज, गलत नस दबने से हुई मौत

नई दिल्लीः अगली बार आप जब शरीर के किसी हिस्से में लंबे समय से हो रहे किसी दर्द से निजात पाने के लिए मालिश कराने की सोचें तो यह ध्यान रखे कि यह आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है.

अब आपका ब्लड ग्रुप बताएगा हार्ट अटैक का रिस्क लेवल

अब आपका ब्लड ग्रुप बताएगा हार्ट अटैक का रिस्क लेवल

आपका ब्लड ग्रुप यह बताने में सक्षम है कि आपके जीवन को हार्ट अटैक से कितना खतरा है. हाल ही में नीदरलैंड में हुए एक शोध से यह पता चला है. इस शोध पर भरोसा करें तो ओ ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में (ए, बी, एबी) ब्लड ग्रुप वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना 9 फीसदी ज्यादा रहती है. 

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता है शर्बत!

गर्मियों में शरीर को ठंडा रखता है शर्बत!

गर्मियों में तेज धूप और पसीने के कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. इसलिए इन दिनों कोल्ड ड्रिंक और पैकेज फ्रूट जूस जैसी अन्हेल्दी चीजें नहीं बल्कि घर में बनने वाले विभिन्न तरह के हेल्दी और टेस्टी शर्बत ही पिएं. 

ऐसे बच सकते हैं कमर दर्द की समस्या से

ऐसे बच सकते हैं कमर दर्द की समस्या से

कमर दर्द की समस्या आजकल आम हो गई है. इसकी एक प्रमुख वजह, काम के दौरान ज्यादातर घंटे तक बैठे रहना है. इसके अलावा भारी वस्तु उठाने से कमर के निचले क्षेत्र की डिस्क खिसकने से भी कमर दर्द होने लगता है.

बच्चों को मोटापे से बचाता है समय पर सोना, खाना और खेलना

बच्चों को मोटापे से बचाता है समय पर सोना, खाना और खेलना

छोटी उम्र से ही नियमित दिनचर्या का पालन करने के बहुत से फायदे हैं। एक नए शोध में सामने आया है कि नियमित रूप से समय पर सोने, खाना समय पर खाने और एक निश्चित समय पर मनोरंजन हो जाने से प्री-स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। उनमें मोटापे की संभावना भी कम रहती है।

सेहत के लिए फायदेमंद है देसी गाय का दूध!

सेहत के लिए फायदेमंद है देसी गाय का दूध!

एक ताजा शोध में ये बात सामने आई है कि देशी गाय का दूध जिसे कि ए-2 दूध कहा जाता है, हमारी सेहत के लिए वरदान है. वहीं दूसरी ओर बाजार में बिकने वाले ज्यादातर गाय के दूध क्रॉस ब्रीड या विदेशी गायों का होता है वो सेहत के लिए सही नहीं है.  

 बीड़ी को लेकर कैंसर डॉक्टरों ने की पीएम मोदी ये मांग

बीड़ी को लेकर कैंसर डॉक्टरों ने की पीएम मोदी ये मांग

सौ से अधिक कैंसर अस्पतालों के जाने माने कैंसर रोक विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जीएसटी व्यवस्था के तहत बीड़ी को अहितकर वस्तुओं की सूची में डालने की अपील की है और कहा है कि यह सस्ता तंबाकू उत्पाद देश में धूम्रपान से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है.

गुणवत्ता मानकों पर फेल हुईं 60 दवाएं, कॉम्बिफ्लेम और सेटिरीजिन भी नहीं सेफ

गुणवत्ता मानकों पर फेल हुईं 60 दवाएं, कॉम्बिफ्लेम और सेटिरीजिन भी नहीं सेफ

केन्द्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने 60 दवाओं को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया है. ये दवाएं ऐसी हैं जो आम तौर पर लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और एलर्जी होने पर लेते हैं. सीडीएससीओ ने मार्च महीने में जारी अपनी सेफ्टी बुलेटिन में कहा है कि ये दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं. इनमें मिलावट की गयी है और इनकी ब्रांडिंग भी गलत की गयी है.  

Zee जानकारी : सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं खतरनाक केमिकल से पकाए गए फल

Zee जानकारी : सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं खतरनाक केमिकल से पकाए गए फल

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन्स के मुताबिक कैल्शियम कार्बाइड नामक केमिकल से पकाए गये फलों को बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज से 53 वर्ष पहले 1964 में ही सरकार ने फलों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया हुआ है। लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा और अब भी ये खतरनाक केमिकल फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। 

सूरत और सेहत की चिंता है तो रोज खाइए दही

सूरत और सेहत की चिंता है तो रोज खाइए दही

दही ना सिर्फ सेहत के लिए जरूरी है बल्कि इसमें खूबसूरती का खजाना भी छिपा होता है. पेट के लिए दही काफी फायदेमंद होता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटमिन बी-6 और विटमिन बी-12 जैसे पोषक तत्व होते हैं. इसमें मौजूद लाभदायक बैक्टीरिया हमें स्वस्थ रखता है. इसलिए अगर आपको अपनी सेहत और सूरत की चिंता है तो एक कटोरी दही का सेवन नियमित रूप से खाने में करना चाहिए. 

दिल की बीमारी से भारत में सबसे ज़्यादा मौतें, 1 लाख की आबादी पर 272 को हृदय रोग

दिल की बीमारी से भारत में सबसे ज़्यादा मौतें, 1 लाख की आबादी पर 272 को हृदय रोग

दुनिया में सबसे ज्यादा हृदय रोगी भारत में हैं. इसके अलावा देश में सर्वाधिक मौतें भी इस रोग के कारण होती हैं. 

केरल में सामने आ रहे हैं थायरॉइड कैंसर के ज्यादा मामले?

केरल में सामने आ रहे हैं थायरॉइड कैंसर के ज्यादा मामले?

केरल में थायरॉइड के मामलों की संख्या में इजाफा डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. थायरॉइड कैंसर के मामलों में हो रही इस वृद्धि के पीछे क्या कोई पर्यावरणीय कारक है या फिर केरल में मौजूद थोरियम संपन्न मोंजाइट मिट्टी के कारण होने वाले विकिरण का प्रभाव? या फिर इसके पीछे परमाणु-विरोधी कार्यकर्ताओं का तर्क सही है? इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि थायरॉइड कैंसर के मामलों में वृद्धि की वजह पड़ोसी राज्य में स्थित कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र है. थायरॉइड कैंसर का संबंध आम तौर पर विकिरण से जोड़ा जाता है.