दिल्‍ली की 51 प्रतिशत जनता ने कहा- उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी केजरीवाल सरकार : सर्वे

अखबार द्वारा कराए गए इस ऑनलाइन सर्वे में करीब एक हजार लोगों ने हिस्‍सा लिया, जिसमें सबसे ज्‍यादा युवाओं ने अपनी राय रखी. 

दिल्‍ली की 51 प्रतिशत जनता ने कहा- उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी केजरीवाल सरकार : सर्वे
अरविंद केजरीवाल का फाइल फोटो...
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नई दिल्‍ली : 2015 के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दिल्‍ली की सत्‍ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के नेतृत्‍व वाली सरकार के आज तीन साल पूरे हो रहे हैं. इन तीन सालों के दौरान सत्‍ता में रहते हुए केजरीवाल सरकार दिल्‍ली के लोगों की उम्‍मीदों पर कितनी खरी उतरी, यह जानने के लिए एक हिंदी दैनिक अखबार द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वे में ऑनलाइन सर्वे किया. इस सर्वे में 50.9 प्रतिशत लोगों ने केजरीवाल सरकार की कार्यशैली पर निराशा जताई और कहा कि दिल्‍ली की आप सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है.

बता दें कि हाल ही में दिल्‍ली के उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हार्वर्ड विश्‍वविद्यालय द्वारा आयोजित इंडिया कांफ्स 2018 में अपने संबोधन में दावा था कि उनकी सरकार दिल्ली के 95 फीसदी लोगों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्‍ध करा रही है. अखबार द्वारा कराए गए इस ऑनलाइन सर्वे में करीब एक हजार लोगों ने हिस्‍सा लिया, जिसमें सबसे ज्‍यादा युवाओं ने अपनी राय रखी. इस सर्वे में 18 से 30 साल की उम्र के लोगों ने सबसे अधिक 34.8 प्रतिशत हिस्सा लिया. वहीं 60 वर्ष की उम्र से अधिक केवल 7 प्रतिशत लोगों ने इस सर्वे में भाग लिया. सर्वे में 92 फीसदी पुरुष शामिल हुए. सर्वे में 41.7 प्रतिशत नौकरीपेशा लोगों हिस्सेदारी रही. इस सर्वे में उत्‍तरी दिल्‍ली से 31.4 प्रतिशत, दक्षिणी दिल्ली से 23.3%, पूर्वी दिल्ली से 29.5, पश्चिम से 15.8% लोग सर्वे में शामिल हुए.

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ये रहे सर्वे में किए गए सवाल और उन पर लोगों की राय...

-केजरीवाल सरकार द्वारा किए गए तीन साल के कामों पर 50.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सरकार उनकी उम्‍मीदों पर खरी नहीं उतरी, जबकि 40.9 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को अच्‍छा बताया. वहीं, 9 प्रतिशत ने औसत बताया.

-केजरीवाल सरकार किन मुद्दों पर सबसे ज्‍यादा विफल रही : 45.5 प्रतिशत लोगों ने कहा, केजरीवाल सरकार का मोर्चे पर विफल रही, जबकि 41.2 प्रतिशत लोगों ने परिवहन, 7.3 फीसदी लोगों ने हेल्‍थ, जबकि 7 प्रतिशत लोगों ने स्‍कूली शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को विफल बताया.

-महिला सुरक्षा की दिशा में कितना काम कर पाई केजरीवाल सरकार : इस मुद्दे पर भी लोग सरकार से निराश दिखे. 57.5 फीसदी लोगों ने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा की दिशा में अच्‍छा काम नहीं कर सकी.

-केजरीवाल द्वारा कुमार विश्वास को दरकिनार कर, पैसे लेकर बाहरी लोगों को राज्यसभा भेजने के आरोप पर सर्वे में 44.3% लोगों ने कहा कि सीएम केजरीवाल ने टिकट लेकर पैसे बांटे, जबकि 17 फीसदी लोगों ने कहा कि केजरीवाल ने पैसे तो नहीं लिए, लेकिन इस मसले पर मनमानी की. हालांकि 31.6% लोगों ने कहा कि यह फैसला पार्टी हित में लिया गया.

-बात-बात पर धरने पर बैठना कितना ठीक : 33.1 फीसदी लोगों ने कहा, इससे लोगों से जुड़े मुद्दों को हल करने में मदद मिलती है, जबकि 52.9% प्रतिशत लोगों ने कहा, ऐसा केवल जनता के सामने दिखाने के लिए किया जाता है.

-इस सर्वे में एक अहम सवाल यह भी था कि  अभी चुनाव हों तो, मौजूदा विधायकों में किसे वोट देंगे : इसके जवाब में 48.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह भाजपा को वोट देंगे, जबकि 43.8 प्रतिशत ने आप और 11 प्रतिशत ने कांग्रेस को वोट देने की बात कही.

-सर्वे में एक सवाल यह भी पूछा गया कि सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बावजूद कैबिनेट में रखने को कैसे आंकेंगे : 42 फीसदी लोगों ने कहा कि केजरीवाल ने गलत किया, जबकि 26.1 प्रतिशत लोगों ने कहा- ठीक किया.

-आम आदमी पार्टी ने किस क्षेत्र में अच्छा काम किया है : इस पर लोगों की राय- शिक्षा क्षेत्र 48.3%, 41.2% बस परिवहन, 45.5% हर मोर्चे पर, 7.3% स्वास्‍थ्‍य.

-आप ने कितने चुनावी वादों को पूरा किया है : 59.3% लोगों की राय वादे पूरे नहीं किए. 

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