आरुषि-हेमराज मर्डर केस: तलवार दंपत्ति के बरी होने पर CBI के पूर्व डायरेक्टर ने कही ये बात

सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह ने आरुषि तलवार और हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Oct 12, 2017, 08:37 PM IST
आरुषि-हेमराज मर्डर केस: तलवार दंपत्ति के बरी होने पर CBI के पूर्व डायरेक्टर ने कही ये बात
सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह, आरुषि के माता पिता राजेश तलवार और नुपुर तलवार.

सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर एपी सिंह ने आरुषि तलवार और हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक एपी सिंह ने कहा, ''तलवार दंपत्ति को असल में अभी क्लीनचिट नहीं मिली है, क्योंकि इस फैसले में संदेह का लाभ दिया गया है. फैसले में यह नहीं कहा गया है कि वे निर्दोष हैं.'' एपी सिंह ने आगे कहा, ''आरुषि मर्डर केस की छानबीन के दौरान सबसे बड़ी खामी यह रही कि घटना स्थल पर सबूतों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई थी. यही वजह है कि जांच के दौरान हमें कुछ खास नहीं मिल पाया.'' यहां गौर करने वाली बात यह है कि एपी सिंह जब सीबीआई डायरेक्टर थे, तभी आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच हुई थी.

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड में नुपुर और राजेश तलवार को यह कहते हुए निर्दोष करार दिया कि परिस्थितियां और सुबूत उन्हें दोषी सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. न्यायमूर्ति बी. के. नारायण और न्यायमूर्ति ए. के. मिश्र की युगलपीठ ने तलवार दंपति को उनकी किशोर पुत्री आरुषि तलवार और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या के मामले में गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के निर्णय के खिलाफ दायर अपील स्वीकार करते हुए उक्त आदेश पारित किया. विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि और हेमराज की हत्या के मामले में तलवार दंपति को 26 नवंबर, 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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नौ साल बाद आया फैसला
पिछले करीब नौ साल से अपनी पुत्री की हत्या के दोष के साथ जी रहे तलवार दंपति को राहत देते हुए अदालत ने कहा कि परिस्थितियों और रिकार्ड में दर्ज साक्ष्यों के मुताबिक तलवार दंपति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इस तरह से उसने तलवार दंपति को गाजियाबाद की सीबीआई अदालत की ओर से सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया.

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तलवार दंपति की अपील स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि न तो परिस्थितियों और न ही रिकार्ड में दर्ज साक्ष्यों से आरुषि और हेमराज की हत्या में तलवार दंपति के शामिल होने की बात साबित हो रही है.

हाई कोर्ट ने पलटा CBI कोर्ट का फैसला
अदालत ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अभाव में यह एक ऐसा दुरुस्त मामला है जहां अपीलकर्ता को संदेह का लाभ दिया जा सकता है. अदालत ने इस तरह से दोनों अपीलकर्ताओं को संदेह का लाभ देते हुए विशेष सीबीआई अदालत का 26 नवंबर, 2013 का फैसला निरस्त कर दिया.

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अदालत ने तलवार दंपति की अपील स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया. इससे पूर्व, सात सितंबर को हाई कोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में राजेश तलवार और नुपुर तलवार की अपील पर सुनवाई पूरी करते हुये कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जायेगा.

15 मई, 2008 को हुई थी आरुषि की हत्या
उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने राजेश तलवार और नुपुर तलवार की बेटी आरुषि और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या में उन्हें दोषी करार दिए जाने के निर्णय को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई एक अगस्त को दोबारा शुरू की थी.पीठ ने कहा था कि सीबीआई के बयानों में पाए गए कुछ विराधाभासों की वजह से इस मामले की दोबारा सुनवाई की जायेगी.

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आरुषि 15 मई, 2008 की रात अपने कमरे में मृत पाई गई थी और धारदार चीज से उसका गला काटा गया था. शुरुआत में संदेह की सुई हेमराज पर घूमी जो उस समय लापता था. लेकिन दो दिन बाद हेमराज का शव उस मकान की छत से बरामद किया गया था.

एक अर्से तक अखबार की सुर्खियों में रहे इस मामले की ठीक से जांच नहीं करने को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की तीखी आलोचना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

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तलवार के वकील बोले, हमें न्याय मिला
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर तलवार दंपत्ति के वकील ने कहा कि उनके द्वारा रखे गये तर्कों पर गौर किया गया और इस फैसले से उन्हें न्याय मिला. तलवार दंपति के वकील दिलीप कुमार ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, "इस फैसले से हमें पूर्ण न्याय मिला है. न्यायमूर्ति बी. के. नारायण और न्यायमूर्ति ए.के. मिश्र की पीठ ने हमें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया और हमारे तर्कों पर गहराई से गौर किया." 

उन्होंने दावा किया, "इस मामले में कोई विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया. अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपति को बरी कर दिया. आदेश की प्रति कल तक अपलोड होने और तलवार दंपति को कल ही रिहा किए जाने की उम्मीद है." इससे पूर्व, उच्च न्यायालय ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड मामले में आज अपने महत्वपूर्ण फैसले में सीबीआई की विशेष अदालत के निर्णय को रद्द करते हुए राजेश तलवार और नुपुर तलवार को निर्दोष करार दिया और दोनों को बरी कर दिया.