CJI पर आरोप लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए : उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले हमें इस बात पर यह जरूर विचार कर लेने चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने आखिर यह कदम क्यों उठाया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सभी चारों स्तंभ स्वतंत्र रूप से खड़े हैं.

CJI पर आरोप लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए : उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में यह घटना सबसे बुरी घटना है (फाइल फोटो)

मुंबई : शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालों को लेकर शुरू हुई राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अब इस मामले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि चीफ जस्टिस पर उंगली उठाने वाले चारों जजों पर कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में जो कुछ भी हुआ वह वाकई परेशान करने वाला था.

विचार करना चाहिए कि जजों ने आखिर यह कदम क्यों उठाया- ठाकरे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि लेकिन कोई भी कार्रवाई करने से पहले हमें इस बात पर यह जरूर विचार कर लेना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने आखिर यह कदम क्यों उठाया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सभी चारों स्तंभ स्वतंत्र रूप से खड़े हैं. अगर ये स्तंभ एकदूसरे पर गिरेंगे, तो भारत का लोकतंत्र टूट जाएगा, तबाह हो जाएगा.

 

कुरियन जोसेफ ने कहा, 'यह मुद्दा सुलझ जाएगा'
इससे पहले मुकदमे के 'चुनिंदा' तरीके से आवंटन और कुछ न्यायिक फैसले के विरूद्ध देश के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ एक तरह से बगावत का कदम उठाने वाले उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों में एक न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने शनिवार को भरोसा जताया कि उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उनका समाधान होगा. उनके और तीन अन्य न्यायाधीशों के प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के एक दिन बाद जोसेफ ने कहा कि उन्होंने न्याय और न्यायपालिका के हित में काम किया.

स्थानीय न्यूज चैनलों ने शुक्रवार के घटनाक्रम पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए यहां के निकट कलाडी में उनके पैतृक घर का रुख किया तो न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा, 'न्याय और न्यायपालिका के पक्ष में खड़े हुए. यही चीज कल (शुक्रवार को) वहां (नई दिल्ली में) हमने कहा'. उन्होंने कहा, 'एक मुद्दे की ओर ध्यान गया है. ध्यान में आने पर निश्चित तौर पर यह मुद्दा सुलझ जाएगा'. न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा कि 'न्यायाधीशों ने न्यायपालिका में लोगों का भरोसा जीतने के लिए यह किया'.

जजों ने लगाए थे CJI पर आरोप
बता दें कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायाधीश जे. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसफ ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मीडिया से बातचीत की थी. उन्‍होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है. हमने चीफ जस्टिस से इस बारे में मुलाकात भी की है. उन्‍होंने कहा कि चीफ जस्टिस से कई गड़बडि़यों की शिकायत की थी, जिन्‍हें ठीक किए जाने की जरूरत है. आज सुबह भी हम चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मिले थे'. जजों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में मामलों का बंटवारा सहीं ढंग से नहीं होता है. सुप्रीम कोर्ट के जजों ने पहली बार मीडिया के सामने आते हुए यह बातें कहीं. न्‍यायाधीशों ने मीडिया से कहा, हम आज इसलिए आपके सामने आए हैं, ताकि कोई ये न कहे कि हमने अपनी आत्‍माएं बेच दीं.

 

पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट जज विवाद : CJI दीपक मिश्रा कल कर सकते हैं जजों से मुलाकात- सूत्र

अटॉर्नी जनरल ने दिए सुलह के संकेत
सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर सवाल उठाए जाने को लेकर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि यह मुद्दा शनिवार तक सुलझा लिया जाएगा. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज अपने मतभेद 13 जनवरी तक सुलझा सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट सभी जज बहुत ही अनुभवी और कुशल हैं और मुझे उम्मीद है कि शनिवार तक इस विवाद का हल हो जाएगा. 

पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर लगाए ये 8 आरोप, पढ़ें...

प्रधानमंत्री ने की कानून मंत्री से बात
यह अपने आप में ऐतिहासिक घटना थी. क्योंकि इससे पहले कभी किसी जज ने मीडिया के सामने आकर बयानबाजी नहीं की थी. चार जजों के इस कदम से भारतीय राजनीति में भूचाल मच गया. मुख्‍य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों के संवाददाता सम्मेलन की पृष्ठभूमि में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को बैठक के लिए बुलाया और उनसे चर्चा की. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से मामले की जानकारी ली. 

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close