मेरे कहने पर तोड़ा गया बाबरी ढांचा, आडवाणी और जोशी कारसेवकों को रोक रहे थे : वेदांती

बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा तोड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जहां एक ओर कानूनी शिकंजे में फंसते दिख रहे हैं. वहीं, पार्टी के पूर्व सांसद और रामजन्म भूमि न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने चौंकाने वाला बयान दिया है. वेदांती ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके कहने पर कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को तो़ड़ा था. वेदांती का कहना है कि विवादित ढांचे को तोड़ने में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती की कोई भूमिका नहीं है. वेदांती का कहना है कि वीएचपी के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के अलावा महंत अवैधनाथ भी इस साजिश में शामिल थे.

मेरे कहने पर तोड़ा गया बाबरी ढांचा, आडवाणी और जोशी कारसेवकों को रोक रहे थे : वेदांती
वेदांती ने कहा कि वह अपने बयान से पलटेंगे नहीं, भले ही उन्हें फांसी हो जाए.
Play

नई दिल्ली : बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा तोड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जहां एक ओर कानूनी शिकंजे में फंसते दिख रहे हैं. वहीं, पार्टी के पूर्व सांसद और रामजन्म भूमि न्यास के सदस्य रामविलास वेदांती ने चौंकाने वाला बयान दिया है. वेदांती ने शुक्रवार को दावा किया कि उनके कहने पर कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को तो़ड़ा था. वेदांती का कहना है कि विवादित ढांचे को तोड़ने में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती की कोई भूमिका नहीं है. वेदांती का कहना है कि वीएचपी के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के अलावा महंत अवैधनाथ भी इस साजिश में शामिल थे.

बयान से नहीं पलटूंगा, भले ही फांसी हो जाए : वेदांती

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वेदांती ने कहा, 'मेरे कहने पर कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को तोड़ा. आडवाणी और जोशी तो कारसेवकों को ढांचा तोड़ने से रोक रहे थे. सीबीआई के अधिकारियों ने इन नेताओं के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करायी.' वेदांती ने कहा कि वह अपने बयान से पलटेंगे नहीं, भले ही उन्हें फांसी हो जाए.

'जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो' 

वेदांती ने आगे कहा, 'मैं रामलला से ये प्रार्थना जरूर करूंगा कि भारत सरकार और राज्य सरकार को ऐसी दिशा मिले कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो.' उन्होंने सरकार से विवादित स्थल के आस-पास अधिग्रहित 67.77 एकड़ जमीन रामजन्मभूमि न्यास को सौंपने की भी मांग की, ताकि इस भूमि पर राममंदिर निर्माण शुरू किया जा सके. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जजों को चुनौती दी कि ध्वंस के समय के साक्ष्यों का अयोध्या आकर पुनर्वलोकन करें. वेदांती ने सीबीआई की नियत पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि सीबीआई की झूठी गवाही पर जजों ने फिर केस चलाने का आदेश दिया है.

वहीं, विहिप नेता विनय कटियार ने कहा कि अयोध्या मामले पर सीबीआई मनमानी कर रही है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनेगा, हर हाल में बनेगा. विवादित ढांचा गिराना साजिश नहीं था. 

और पढ़ें : बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला ; आडवाणी, जोशी, उमा समेत 12 नेताओं पर चलेगा मुकदमा, कल्याण को राहत

आडवाणी, जोशी और उमा भारती पर चलेगा केस

गौरतलब है कि भाजपा के शीर्ष नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को वर्ष 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने इन नेताओं के खिलाफ रोजाना सुनवाई कर दो वर्षों के अंदर सुनवाई पूरी करने का बुधवार (19 अप्रैल) को आदेश दिया.

उच्चतम न्यायालय ने मध्यकालीन युग के ढांचे को गिराने को ‘अपराध’ करार दिया और कहा कि इसने ‘संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे’ को हिला दिया. इसने वीवीआईपी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों को बहाल करने की सीबीआई की याचिका को मंजूरी दे दी जिसके राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं खासकर आडवाणी के खिलाफ जो राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पास संवैधानिक छूट है और उनके खिलाफ मामला पद छोड़ने पर ही चलाया जा सकता है. कल्याण सिंह वर्ष 1992 में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री थे.

और पढ़ें :  ओवैसी ने कहा- गांधी जी की हत्या से ज्यादा गंभीर है बाबरी मस्जिद ढहाने की घटना

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close