'जेटली को उम्मीद उन्हें दो-दो मंत्रालयों का भार अब नहीं संभालना पड़ेगा'

अटकलें हैं कि मंत्रिमडल का फेर बदल नजदीक है और उसमें ऐसे मंत्रियों का भार हलका किया जा सकता है.

'जेटली को उम्मीद उन्हें दो-दो मंत्रालयों का भार अब नहीं संभालना पड़ेगा'
जेटली के पास इस समय वित्त मंत्रालय के साथ-साथ रक्षा विभाग भी है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल किए जाने की अटकलों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (31 अगस्त) को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब ज्यादा दिन उन्हें दो दो मंत्रालायों का भार संभालना होगा. जेटली के पास इस समय महत्वपूर्ण रक्षा विभाग भी है. राजधानी में एक कार्यक्रम में जेटली से जब प्रस्तुतकर्ता ने जब यह सवाल किया कि आप कब तक दोहरा दायित्व संभालते रहेंगे. वित्त मंत्री ने जवाब में खिलखिलाते हुए कहा, ‘कम से कम मैं उम्मीद करता हूं कि बहुत ज्यादा दिन नहीं.’ लंदन की साप्ताहिक पत्रिका ने भारत पर केंद्रित यह कार्यक्रम आयोजित किया था. इस समय केंद्रीय मंत्रिमडल में जेटली और कुछ अन्य मंत्री है जिन्हें दो-दो विभागों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है. अटकलें हैं कि मंत्रिमडल का फेर बदल नजदीक है और उसमें ऐसे मंत्रियों का भार हलका किया जा सकता है.

नोटबंदी का असर अनुमानित दायरे में, मध्यम से दीर्घकाल में मिलेगा फायदा: जेटली
इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार (31 अगस्त) को कहा कि नोटबंदी का असर अनुमान के अनुरूप ही रहा है और इस दौरान बैंकों में भारी मात्रा में जमा नकदी से इसको लेकर गुमनामी समाप्त हुई और देनदारी तय करने में मदद मिली. जेटली ने यह बात रिजर्व बैंक के यह कहने के एक दिन बाद कही है कि चलन से हटाये गये 15.44 लाख करोड़ रुपये के करीब करीब सभी नोट बैंकों में लौट आये हैं.

वित्त मंत्री ने यहां इकोनोमिस्ट सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से हटाने के फैसले का असर जैसा अनुमान था उसी के अनुरूप रहा है. इससे आर्थिक गतिविधियों पर एक से लेकर तीन तिमाहियों तक असर पड़ने का अनुमान था लेकिन मध्यम से लेकर दीर्घकाल में अनौपचारिक कारोबार के औपचारिक गतिविधियों में बदलने से अर्थव्यवस्था को इसका लाभ मिलेगा.

रिजर्व बैंक जो कि अब तक चलन से हटाये गये नोटों के बारे में आंकड़े देने से कतरा रहा था, ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि आठ नवंबर के बाद से 15.28 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में लौट आये हैं. यह राशि चलन में रहे कुल नोटों का 99 प्रतिशत तक है. जेटली ने कहा कि नोटबंदी से हुई परेशानी के बावजूद पूरा देश इस बदलाव के लिये तैयार था.

(इनपुट एजंसी से भी)

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