असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, पांच की मौत; त्रिपुरा में 4500 परिवार हुए बेघर

असम के विभिन्न जिलों में बाढ़ से 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक धुबरी में बाढ़ का सर्वाधिक असर हुआ है जहां 1.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 10:45 PM IST
असम में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, पांच की मौत; त्रिपुरा में 4500 परिवार हुए बेघर
असम के कोकराझार में बाढ़ में फंसे लोगो को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते सीआरपीएफ के जवान. (PHOTO : CRPF‏/Twitter)

नई दिल्ली: असम में शनिवार (12 अगस्त) को बाढ़ की स्थिति और भी खराब हो गई और वहां पांच लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि त्रिपुरा के तीन जिलों में अचानक बाढ़ आने से कम से कम 4,500 परिवार बेघर हो गए हैं.मौसम विभाग के अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य तौर पर आसमान साफ रहा और यहां का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि यहां का न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वातावरण में आर्द्रता का स्तर 78 से 58 फीसदी के बीच रहा.

असम राज्य आपदा मोचन बल (एएसडीएमए) के अनुसार धेमाजी में दो लोगों की मौत हो गई जबकि लखीमपुर, कोकराझार और मोरिगांव में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. इन मौतों के बाद राज्य में इस साल बाढ़ की वजह से मरनेवालों की संख्या 89 तक पहुंच गई है. एएसडीएमए ने बताया कि असम के विभिन्न जिलों में बाढ़ से 11 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक धुबरी में बाढ़ का सर्वाधिक असर हुआ है जहां 1.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. इसके बाद धेमाजी में 1.51 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हैं.

एएसडीएमए ने बताया कि मौजूदा समय में 1,752 गांव जलमग्न हैं और एक लाख से हेक्टेयर से अधिक की फसल भूमि प्रभावित हो चुकी है. अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा के तीन जिलों में लगातार हुई बारिश के बाद अचानक बाढ़ आ गई जिससे यहां के 4,500 परिवार बेघर हो गए हैं. राज्य के राजस्व मंत्री बादल चौधरी ने बताया कि दो हजार से ज्यादा परिवारों को विभिन्न सरकारी इमारतों में शरण लेने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि राज्य की राजधानी का बड़ा हिस्सा और इसके निचले बाहरी इलाके जलमग्न हैं. चौधरी ने कहा कि हावड़ा नदी में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है.

सिपाहीजाला के जिला मजिस्ट्रेट प्रदीप चक्रवर्ती ने कहा कि जिले में बाढ़ की वजह से कम से कम 2500 परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्होंने सरकारी इमारतों में बनाए गए 60 राहत शिविरों में शरण ली है. मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम बंगाल के उपहिमालयी जिलों में भारी बारिश जारी है जिससे कुछ जगहों में जलमग्न वाली स्थिति पैदा हो गई है. विभाग ने बताया कि राज्य में सबसे ज्यादा बारिश अलीपुरदुआर जिले के हासिमारा (480 मिमी) में दर्ज की गई. पश्चिम बंगाल सरकार ने आज कहा कि वह राज्य के उत्तरी क्षेत्र में आई बाढ़ से युद्धस्तर पर निपट रही है जहां पांच जिले प्रभावित हुए हैं और तकरीबन 100 चाय बागान जलमग्न हो गए हैं.

राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने कहा, ‘हमने पहले ही नियंत्रण कक्ष खोल दिए हैं और मैं निजी तौर पर निगरानी और प्रबंधन में शामिल हूं. राज्य भारी बारिश का सामना कर रहा है और क्षेत्र में आई बाढ़ से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति की निगरानी कर रही हैं. राहत सामग्री भेजने समेत सभी कदम उठाए जा रहे हैं.’ राज्य में बाढ़ से प्रभावित पांच जिलों में कूचबिहार, उत्तरी दिनाजपुर, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग शामिल हैं.

मौसम विभाग ने बताया कि बिहार के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्णिया जिले में 108.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर मध्यम बारिश दर्ज की गई. राज्य में अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य रहा. दोनों ही राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.