शव ले जाने के लिए अस्पताल ने नहीं दी एंबुलेंस, कहा- बच्चा छोटा है, टैंपों में ले जाओ

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीते दिनों हुई घटना में हर रोज एक नया अध्याय जुड़ता जा रहा है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Aug 13, 2017, 11:33 AM IST
शव ले जाने के लिए अस्पताल ने नहीं दी एंबुलेंस, कहा- बच्चा छोटा है, टैंपों में ले जाओ
अपने बच्चे के शव को चादर में लपेटकर ले जाता शख्स. (फाइल फोटो)

गोरखपुर:  उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीते दिनों हुई घटना में हर रोज एक नया अध्याय जुड़ता जा रहा है. बताया जा रहा है गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद उनके शवों को घर तक पहुंचाने के लिए उन्हें एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई. अपने बच्चे का इलाज करवाने आए राजेश नाम के व्यक्ति ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उसका बच्चा बुरी तरह से कांप रहा था. 

जब राजेश ने डॉक्टरों से पूछा कि उनके बच्चे को क्या हुआ है, तो डॉक्टरों ने कहा कि उसे निमोनिया है और वह 2-3 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाएगा. लेकिन आखिर में बच्चे की मौत हो गई. राजेश का कहना है डॉक्टर उसके बच्चे की बीमारी का ठीक से पता नहीं लगा पाए. 

राजेश के मुताबिक, पहले तो हॉस्पिटल वाले उसको घर जाने ही नहीं दे रहे थे क्योंकि उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह वहां आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे. राजेश ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने बच्चे के शव को घर लेकर जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की थी. राजेश ने बताया कि जब उसने एंबुलेंस मांगी तो डॉक्टरों ने कहा कि तुम्हारा बच्चा तो छोटा है, इसको तो टेंपो में भी लेकर जा सकते हो. इसके बाद राजेश अपनी पत्नी के बाद, अपने बेटे को गोदी में कपड़े से ढंककर खड़ा रहा.

राजेश ने भी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी होने के साथ साथ बेड और डॉक्टरों की भी कमी थी. राजेश ने कहा कि 60-60 मरीजों का पर सिर्फ एक डॉक्टर था.  सरकार ने गोरखपुर के इस अस्तपाल में पिछले पांच दिनों में हुए 60 से अधिक बच्चों की मौतों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है.