लोगों पर यह नहीं थोपना चाहिए कि वे क्या खाएं और क्या न खाएं : रमेश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि गोमांस के मुद्दे पर चल रहा विवाद कुछ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ‘असहिष्णुता’ को दिखाता है। रमेश ने कहा कि किसी को लोगों पर यह नहीं थोपना चाहिए कि वे क्या खाएं और क्या न खाएं।

भाषा भाषा | Updated: Oct 23, 2015, 05:39 PM IST
लोगों पर यह नहीं थोपना चाहिए कि वे क्या खाएं और क्या न खाएं : रमेश

हैदराबाद : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि गोमांस के मुद्दे पर चल रहा विवाद कुछ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ‘असहिष्णुता’ को दिखाता है। रमेश ने कहा कि किसी को लोगों पर यह नहीं थोपना चाहिए कि वे क्या खाएं और क्या न खाएं।

रमेश ने कहा, ‘आप इस पर नियम-कायदे नहीं बना सकते। आप यह नहीं कह सकते कि आप गोमांस नहीं खा सकते। कल आप कहेंगे कि ‘दाल मखनी’ नहीं खा सकते, आप ‘मटर पनीर’ नहीं खा सकते। क्या बकवास है यह सब? भारत किस तरफ जा रहा है?’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया, ‘क्या लोग तय करेंगे कि आपको क्या खाना है? क्या लोग तय करेंगे कि आपको क्या पहनना है, क्या बोलना है? मेरे कहने का यह मतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मूल रूप से एक लोकतंत्र-विरोधी संगठन है।’

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के एक विवादित बयान पर उनका नाम लेकर रमेश ने कहा कि पूरा विवाद भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की असहिष्णुता को दिखाता है। खट्टर ने यह बयान देकर बड़ा विवाद पैदा कर दिया था कि यदि मुस्लिमों को भारत में रहना है तो गोमांस खाना छोड़ देना चाहिए। रमेश ने गोमांस विवाद पर उत्तर प्रदेश के कुछ भाजपा नेताओं को भी आड़े हाथ लिया।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि गोमांस खाना है या नहीं खाना है, यह निजी मुद्दे हैं। उन्होंने खाने-पीने की चीजों की प्राथमिकताएं थोपने वालों को निशाना बनाया।