'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के पोस्टर पर अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की तस्वीर, CDPO सस्‍पेंड

देश की महिला हस्तियों की तस्वीरों वाला यह पोस्टर जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है. 

भाषा | Updated: Oct 12, 2017, 04:09 PM IST
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के पोस्टर पर अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की तस्वीर, CDPO सस्‍पेंड
आसिया अंद्राबी (फाइल फोटो)

श्रीनगर: 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के पोस्टर पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और अन्य महिला हस्तियों के साथ अलगावादी नेता आशिया अंद्राबी की तस्वीर छपे होने के मामले में अनंतनाग जिले के ब्रेंग ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में लगाया गया देश की महिला हस्तियों की तस्वीरों वाला यह पोस्टर जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है. इस पोस्टर में टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा, सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी आदि की भी तस्वीरें हैं. अनंतनाग जिले के उपायुक्त मोहम्मद यूनुस मलिक ने कहा, ''सीडीपीओ शमिमा को निलंबित कर दिया गया है और घटना की जांच का आदेश दिया गया है.'' 

कौन है आसिया अंद्राबी? 
जन सुरक्षा कानून के तहत फिलहाल हिरासत में ली गयी अंद्राबी दुखतरान-ए-मिल्लत (देश की बेटी) नामक संस्था की प्रमुख है. यह संगठन खुले तौर पर जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की बात करता है. अंद्राबी के खिलाफ पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस और पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस क्रमश: 14 अगस्त और 23 मार्च को पाकिस्तानी झंडा फहराने सहित अन्य मामले दर्ज हैं.

कांग्रेस ने कसा तंज
वहीं इस तस्वीर पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने टि्वटर पर पोस्ट किया है, ''भाजपा-पीडीपी सरकार की नई प्रतीक आशिया अंद्राबी है, जो मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा करती है. देश बचाओ या बेटी बचाओ!'' पोस्टर की तस्वीर में अंद्राबी की फोटो को लाल गोले के माध्यम से हाई-लाइट करते उन्होंने ट्वीट किया है, ''भाजपा-पीडीपी सरकार का पोस्टर अंद्राबी को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का प्रतीक बताता है, उसने जम्मू-कश्मीर में बार-बार पाकिस्तानी झंडा फहराया है. छद्म राष्ट्रवाद का पर्दाफाश.'' सुरजेवाला ने लिखा है मोदी सरकार की टीवी स्टुडियो में चलने वाली लड़ाइयां राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर बना रही हैं. ''क्या भाजपा में इसका जवाब देने की हिम्मत है?''