जेडीयू-बीजेपी गठबंधन पर बोले अमित शाह- 'हमें दोस्ती निभानी आती है, 40 सीट जीतेंगे'

अमित शाह ने कहा बिहार में काफी समय से बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के लिए बयान बाजी चल रही है. विपक्षी पार्टियां दोनों के बीच दरार पैदा करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. 

जेडीयू-बीजेपी गठबंधन पर बोले अमित शाह- 'हमें दोस्ती निभानी आती है, 40 सीट जीतेंगे'
अमित शाह ने कहा नीतीश कुमार के साथ हम बिहार की सभी 40 सीट जीतेंगे.
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पटनाः बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का बिहार दौरे के दौरान पटना स्थित ज्ञानभवन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं के अंदर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आग फूंक रहे थे. जिससे की 2019 का चुनाव का प्रदर्शन 2014 से भी अधिक अच्छा हो. वहीं, अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के सामने 4 साल का रिपोर्ट कार्ड भी बताया और कांग्रेस को चार पीढ़ियों के लिए घेरा.

अमित शाह का बिहार दौरा बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन के लिए भी अहम माना जा रहा है. इसे लेकर अमित शाह ने भी कहा कि बिहार में काफी समय से बीजेपी-जेडीयू गठबंधन के लिए बयान बाजी चल रही है. विपक्षी पार्टियां दोनों के बीच दरार पैदा करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं. उनकी नींद खराब हो गई है. लेकिन उन्हें नहीं पता है कि बीजेपी-जेडीयू के बीच कुछ खराब नहीं होगा.

बीजेपी अब नीतीश कुमार के साथ गठबंधन में बिहार के 40 में 40 सीटों पर जीत दर्ज करेगी. उन्होंने कहा कि हमें दोस्ती निभाना आता है. और सहयोगियों को साथ लेकर चलना भी आता है. इसलिए विपक्षी पार्टियां यह सोचना छोड़ दें.

उन्होंने आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, लालू यादव और कांग्रेस बिहार के अंदर सरकार बनाने का दावा कर रही है. लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि यूपीए की सरकार में यह दोनों मिलकर 10 साल थे लेकिन बिहार को कुछ नहीं मिला. इन लोगों ने केवल 1 लाख 93 हजार करोड़ दिया था. लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे बढ़ा कर 4 लाख 33 हजार 803 करोड़ रुपये देने का काम किया है.

अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल बाबा हमशे 4 साल की कार्य का जवाब मांग रहे हैं. लेकिन जनता उनकी चार पीढ़ियों की शासन का जवाब मांग रही है. उन्हें जनता के सवालों के जवाब देना होगा. उन्होंने कहा कि हम चार साल का जवाब जनता को जवाब दे रहे हैं. लेकिन उसे चार पीढ़ी से कंपेयर कर लें फिर पता चलेगा.

मनमोहन की सरकार पर अमित शाह ने कहा कि उनकी सरकार में कैबिनेट के सभी मंत्री खुद को प्रधानमंत्री मानते थे. लेकिन जो प्रधानमंत्री थे उसे कोई प्रधानमंत्री नहीं मानते थे. लेकिन हम पूर्ण बहुमत होने के बाद भी सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने का काम किया है.

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