...तो क्या मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकती है नीतीश कुमार की जदयू

शरद यादव पर कटाक्ष करते हुए पासवान ने कहा कि जदयू नेता को लगता है कि उनके होने से पार्टी ‘क्रांतिकारी’ होती है और उनके न होने से ‘सरकारी’ हो जाती है.

अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 11:39 PM IST
...तो क्या मोदी कैबिनेट में शामिल हो सकती है नीतीश कुमार की जदयू
पिछले माह में नीतीश कुमार के भाजपा संग आने पर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी थी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार (12 अगस्त) को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जदयू के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की वकालत करते हुए कहा कि 27 साल तक बिहार में शासन करने वाली पार्टी का केंद्र में सरकार का हिस्सा न होना दुर्भाग्यपूर्ण है. पासवान ने इन खबरों को भी तवज्जो नहीं दी कि अगर जदयू को गठबंधन में शामिल किया जाए तो दूसरे दलों के दावों पर असर पड़ेगा क्योंकि सीटों के वितरण को लेकर बिहार में राजग के सहयोगियों में तकरार हो सकती है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव अभी दूर हैं और गठबंधन एक परिवार की तरह है.

संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने जदयू के बागी शरद यादव तथा राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यादव बिना आधार वाले नेता हैं और लालू अपने और अपने परिवार के भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए धर्मनिरपेक्षता की आड़ ले रहे हैं. पासवान ने कहा ‘‘मैं केंद्र सरकार में जदयू का स्वागत करूंगा. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 27 साल तक बिहार में शासन करने वाली पार्टी केंद्र में सरकार का हिस्सा नहीं है. अब बिहार की प्रगति तेजी से होगी.’’ उन्होंने दावा किया कि बिहार में कांग्रेस विभाजन के कगार पर है क्योंकि गठबंधन सरकार के जाने के बाद उसके ज्यादातर विधायकों की हालत जल बिन मछली जैसी है.

शरद यादव पर कटाक्ष करते हुए पासवान ने कहा कि जदयू नेता को लगता है कि उनके होने से पार्टी ‘‘क्रांतिकारी’’ होती है और उनके न होने से ‘‘सरकारी’’ हो जाती है. पासवान ने कहा कि वह (यादव) राजग सरकार के शासन में कई साल सरकार में रहे और वाजपेयी सरकार में वह मंत्री भी थे.

उन्होंने कहा ‘‘कोई भी उनके समर्थन में नहीं है. वह कहते हैं कि वह जनता की राय ले रहे हैं. वह राज्यसभा के सदस्य हैं और उन्हें उन विधायकों की राय लेनी चाहिए जिन्होंने उन्हें चुन कर सदन में भेजा है. सभी विधायक नीतीश कुमार के साथ हैं.’’ पासवान ने दावा किया कि 27 अगस्त को पटना में होने वाली लालू प्रसाद की रैली का उद्देश्य उनके भ्रष्टाचार को छिपाना है और चारा घोटाला में फंसने के बाद उन्होंने यही तिकड़म अपनाई थी. उन्होंने राजद प्रमुख और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की.

'शरद यादव चाहें तो जदयू छोड़ सकते हैं, गोरखपुर हादसा योगी के लिए परीक्षा की घड़ी'

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी  के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने शनिवार को कहा कि शरद यादव चाहें तो जनता दल (युनाइटेड) छोड़कर जा सकते हैं. पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा, "वास्तव में मैं इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन ऐसी संभावनाएं हैं कि वह अपनी अलग पार्टी गठित कर सकते हैं. उन्हें जेडीयू की ओर से बोल दिया गया है कि वह स्वतंत्र हैं और वह पार्टी छोड़कर जा सकते हैं. अगर वह चाहते ही हैं, तो पार्टी छोड़ क्यों नहीं देते."बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ महागठबंधन तोड़कर भारतीय जनता पार्टी  के साथ हाथ मिलाने के साथ ही नीतीश और पूर्व पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं.

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गोरखपुर में एक सरकारी अस्पताल में 30 बच्चों की मौत मामले की समयबद्ध जांच कराने जाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए ‘‘परीक्षा की घड़ी’’ है.भाजपा के सहयोगी लोजपा के प्रमुख पासवान ने इन मौतों को दुखद करार दिया और ध्यान दिलाया कि यह त्रासदी योगी आदित्यनाथ के चुनाव क्षेत्र में हुई है. बच्चों में से कई की मौत कथित तौर पर आक्सीजन की कमी के कारण हुई है.