दिल्‍ली में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी, चुनावी रणनीतियों पर मं‍थन संभव

भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से शुक्रवार से शुरू हो गई। इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया। ऐसी संभावना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की चुनावी रणनीति के खाके को अंतिम रूप दे सकते हैं।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो | Updated: Jan 6, 2017, 04:57 PM IST
दिल्‍ली में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी, चुनावी रणनीतियों पर मं‍थन संभव
फोटो सौजन्‍य: एएनआई ट्वीटर

नई दिल्ली : भाजपा के दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से शुक्रवार से शुरू हो गई। ये बैठक आज दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में हो रही है। पार्टी पदाधिकारियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों के साथ ये बैठक हो रही है। इससे पहले, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित किया। ऐसी संभावना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की चुनावी रणनीति के खाके को अंतिम रूप दे सकते हैं।

इसमें नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रमुख मुद्दे होंगे।इस बैठक में कार्यकारिणी के एजेंडे को अंतिम रूप भी दिया जाएगा।

पार्टी नोटबंदी को अहम चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है। पार्टी नोटबंदी के कदम को ‘कालाधन एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध’ के तौर पर पेश करती है। इसके अलावा वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लक्षित हमलों और ‘गरीब समर्थक’ योजनाओं को भी भुनाना चाहती है। शाह ने दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित किए जाने वाले पार्टी के प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया है जिसका उद्घाटन उनके संबोधन के साथ होगा।

भाजपा प्रमुख फरवरी-मार्च में खासकर उत्तर प्रदेश में होने जा रहे चुनाव को लेकर पार्टी को जीत के पथ पर अग्रसर करने के लिए अपने नेताओं को प्रेरित करेंगे। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनावी राज्यों में जमीनी स्थिति पर पार्टी नेता चर्चा और समीक्षा करेंगे। पार्टी इस अवसर का इस्तेमाल गरीब समर्थक एवं कमजोर तबका समर्थक के तौर पर अपनी छवि निखारने में करेगी और इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न योजनाओं समेत सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख करेगी।

संसद में बजट सत्र पहले पेश करने के सरकार के कदम पर विपक्ष के हमलों के मद्देनजर इस अवसर पर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व विपक्ष पर हमला बोल सकता है और पार्टी इसे कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा मोदी के ‘गरीब समर्थक’ एजेंडा को पटरी से उतारे जाने के एक अन्य प्रयास के तौर पर पेश कर सकती है। लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी रैली के बाद भगवा पार्टी बेहद आशावान है और इसे वह नोटबंदी के लिए जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर ले रही है। पार्टी विपक्ष की आलोचना को भ्रष्ट लोगों का बचाव करने के उसके प्रयास के तौर पर पेश करने वाली है। बैठक में दो प्रस्ताव- एक राजनीतिक और अन्य आर्थिक, पेश किए जाने की संभावना है। बैठक में पिछले साल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के लक्षित हमलों का उल्लेख भी किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड में चुनावों की घोषणा की है।

बहरहाल, 14 जनवरी को ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के पार्टी उम्मीदवारों का नाम घोषित करने की संभावना है।