ब्लू व्हेल: जारी है मौत का 'ऑनलाइन गेम', अब तक जा चुकी हैं सैकड़ों की जान

सोशल मीडिया पर 'ब्लू व्हेल' ऐप तलाशे जा रहे हैं, लेकिन असल में यह न तो गेम है और न ही ऐप है. यह अपराधी किस्म के लोगों का एक ट्रैप है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Aug 13, 2017, 12:41 PM IST
ब्लू व्हेल: जारी है मौत का 'ऑनलाइन गेम', अब तक जा चुकी हैं सैकड़ों की जान
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: दुनियाभर में बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी ऑनलाइन गेम "ब्लू व्हेल" के दुष्प्रभाव में आकर रविवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में एक 10वीं कक्षा के छात्र ने खुदकुशी कर ली. इससे पहले भी इसी महीने ‘ब्लू व्हेल’ से प्रेरित होकर मुंबई के चौदह साल के एक लड़के ने पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी. बता दें, ऑनलाइन गेम ‘ब्लू व्हेल’ सुसाइड चैलेंज है. 

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अब तक सेकड़ों की गई जान 

वहीं, हाल ही में इंदौर के एक 13 साल के छात्र ने अपने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की थी, लेकिन कुछ सतर्क विद्यार्थियों ने उसे इस गेम की जानलेवा चुनौती पूरी करने से रोक दिया था. बच्चे गेम मानकर इसके जाल में फंस रहे हैं. सोशल मीडिया पर 'ब्लू व्हेल' ऐप तलाशे जा रहे हैं, लेकिन असल में यह न तो गेम है और न ही ऐप है. यह अपराधी किस्म के लोगों का एक ट्रैप है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस गेम के कारण ने दुनिया भर में अब तक 130 लोगों की जान जा चुकी है.   

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पकड़ा जा चुका है ‘ब्लू व्हेल’ का डेवलपर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘ब्लू व्हेल’ के पीछे मास्को के फिलिप बुडेईकिन का दिमाग है. उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और वह तीन साल की सजा काट रहा है. फिलिप को पकड़ने वाली जांच एजेंसी के प्रमुख एंटॉन ब्रीडो बताते हैं कि इसकी शुरुआत 2013 में तब हुई. जब फिलिप ने वीके (यूरोप में लोकप्रिय सोशल मीडिया) पर बच्चों को आकर्षित करने के लिए एक ग्रुप बनाया- एफ 57. इस पर जुड़ने वालों को फिलिप हॉरर वीडियो दिखाता था. उसका मकसद था- ज्यादा से ज्यादा बच्चों को फंसाना.

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क्या है ऑनलाइन 'ब्लू व्हेल' गेम?

ऑनलाइन खूनी 'ब्लू व्हेल' गेम की शुरुआत रूस से हुई है. इसमें प्रतिभागियों से सोशल मीडिया के जरिए कागज पर ब्लू व्हेल बनाने और फिर व्हेल शरीर पर बनाने के लिए कहा जाता है. इसके बाद प्रतिभागियों से अकेले डरावनी फिल्में देखने जैसे काम दिए जाते हैं. मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए खेले जाने वाले इस खेल में 50 दिन अलग-अलग टास्क मिलते हैं. रोज टास्क पूरा होने के बाद अपने हाथ पर निशान बनाना पड़ता है. जो 50 दिन में पूरा होकर व्हेल का आकार बन जाता है और टास्क पूरा करने वाले को खुदकुशी करनी पड़ती है.