हिंदुत्व का विरोध करने वाले ‘विकास’ और ‘भारतीयता’ का विरोध कर रहे हैं : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हिंदुत्वऔर विकास एक दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं. हिंदुत्वकिसी जाति, मत, मजहब या संप्रदाय का पर्याय नहीं है बल्कि राष्ट्रीयता का पर्याय और विकास का पूरक है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Nov 14, 2017, 08:02 PM IST
हिंदुत्व का विरोध करने वाले ‘विकास’ और ‘भारतीयता’ का विरोध कर रहे हैं : योगी
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, नगर निकाय चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन शानदार होगा.

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसे और कहा कि जो ‘हिन्दुत्व’ का विरोध करते है, वास्तव में वह 'विकास' और 'भारतीयता' का विरोध कर रहे हैं. नगर निकाय चुनाव के प्रचार के लिए अयोध्या जाने से पहले योगी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, 'हिंदुत्वऔर विकास एक दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं. हिंदुत्वकिसी जाति, मत, मजहब या संप्रदाय का पर्याय नहीं है बल्कि राष्ट्रीयता का पर्याय और विकास का पूरक है. हिंदुत्वका विरोध करने वाले वास्तव में भारतीयता और विकास का विरोध करते है. धर्मनिरपेक्षता के नाम पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने वाले तत्व इस प्रकार की बातें करते हैं.’’ 

निकाय चुनाव की जीत को लोकसभा चुनाव की गारंटी होने के बारे में योगी ने कहा, 'लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होंगे और भाजपा प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतकर एक बार पुन: सरकार बनाएगी, इसमें संदेह नहीं है.......नगर निकाय चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन बहुत बेहतरीन होगा.' 

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उनसे पूछा गया कि आपने अयोध्या में दीपावली मनाई थी तो क्या मथुरा में होली मनायेंगे, इस पर योगी ने कहा, 'हां क्यों नहीं, हमारी पर्व और त्योहार से  पहचान है. अगर उनको भव्यता के साथ उनकी परंपरागत पहचान को हम देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सके तो यह हमारा सौभाग्य होगा. दीपावली अयोध्या से जुड़ी हुई थी. हमारी सरकार ने कोशिश की कि दीपावली के इस पर्व को अयोध्या के साथ जोड़ा जाए.' 

उन्होंने बताया कि पिछले सात महीने के कार्यकाल में पूरे अयोध्या के विकास के लिये एक विस्तृत खाका तैयार किया है. 137 करोड़ रूपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया है और बड़ी परियोजनायें अयोध्या के लिये तैयार की है. विकास की योजनाओं के लिये पर्याप्त पैसा केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार भी दे रही है. यह पैसा वास्तव में जमीन तक पहुंचे इसके लिये नगर निकाय चाहिए.