पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा बंद, अल्पसंख्यकों की राजनीति कर रही हैं ममता बनर्जी: मुकुल रॉय

 पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय ने पहली बार खुलकर सीएम ममता बनर्जी और टीएमसी पर हमला किया है.

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा बंद, अल्पसंख्यकों की राजनीति कर रही हैं ममता बनर्जी: मुकुल रॉय
मुकुल रॉय ने कुछ अंदाज में रैली को संबोधित की. तस्वीर साभार: फेसबुक
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय ने पहली बार खुलकर सीएम ममता बनर्जी और टीएमसी पर हमला किया है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मुकुल रॉय ने शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी की एक रैली में कहा, 'बंगाल में दुर्गा और लक्ष्मी पूजा बंद कर दी गई हैं. ममता बनर्जी अल्पसंख्यकों की राजनीति कर रही हैं.' मुकुल रॉय ने ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का एक बड़ा नेता कहकर संबोधित किया. साथ ही कहा कि इस बड़े नेता ने तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक पार्टी से बदलकर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना दिया है. मुकुल रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव का मूड बना चुकी है. संभव है 2019 में ही इस राज्य में बीजेपी सरकार बना ले. 

बीजेपी की इस रैली में दिलीप घोष, कैलाश विजयवर्गीय और रूपा गांगुली ने भी तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार हमले किए. मुकुल रॉय ने आरोप लगाया, 'हाल ही में फीफा अंडर 17 फुटबॉल टूर्नामेंट हुआ. इसको विश्व बांग्ला ग्रुप ने स्पॉन्सर किया. क्या आप जानते हैं कि ये विश्व बांग्ला ग्रुप क्या है? ये कोई सरकारी संस्था नहीं है. हकीकत में यह ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी का ग्रुप है.

मालूम हो कि इसी साल 3 नवंबर को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शागिर्द रहे मुकुल रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे. मुकुल रॉय और ममता बनर्जी की राजनीतिक दोस्ती लंबे समय से थी. ममता ने जब तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी, तब से मुकुल रॉय उनके सहयोगी थे. ममता बनर्जी दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी हैं, लेकिन उनके करीबी रहे मुकुल रॉय ने उनका साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. ममता के दो करीबियों मुकुल रॉय और दिनेश त्रिवेदी को लेकर एक बेहद दिलचस्प राजनीतिक किस्सा है.

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1. साल 2012 की बात है, केंद्र में मनमोहन सिंह की अगुवाई में यूपीए की सरकार चल रही थी. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद ममता बनर्जी ने पहले मुकुल रॉय और बाद में दिनेश त्रिवेदी को केंद्र में रेलमंत्री की कुर्सी पर बिठाया था. ममता बनर्जी हमेशा रेल किराया बढ़ोत्तरी के खिलाफ रहीं. वहीं उनकी ही पार्टी के दिनेश त्रिवेदी ने रेलमंत्री बनते ही किराया बढ़ा दिया था. इस बात से ममता बनर्जी नाराज हो गई थीं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत कर दिनेश त्रिवेदी को रेलमंत्री के पद से हटाकर मुकुल रॉय को इस पद पर बिठा दिया था. दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी ने जिस मुकुल रॉय के लिए दिनेश त्रिवेदी को पद से हटाया था आज वही पार्टी को छोड़कर चले गए हैं. वहीं दिनेश त्रिवेदी अभी भी ममता के साथ खड़े हैं.

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2. इससे भी ज्यादा दिलचस्प वाक्या यह है कि 11 जुलाई 2011 को असम में हुए एक रेल दुर्घटना पर प्रधानमंत्री के कहने के बावजूद मुकुल रॉय दुर्घटनास्‍थल पर नहीं गए थे. जिसके बाद प्रधानमंत्री ने उन्‍हें रेल मंत्री पद देने की अनिच्‍छा ममता बनर्जी से जताई थी. इसके बाद ही दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बनाया गया था.

3. 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उजागर हुए शारदा चिटफंड घोटाले में मुकुल रॉय का नाम भी सामने आया था. ऐसे में ममता बनर्जी खुद मीडिया के सामने आकर मुकुल रॉय का बचाव किया था.  इस मामले में मुकुल से CBI भी पूछताछ कर रही है. मुकुल की गिरफ्तारी रोकने के लिए खुद ममता बनर्जी ने बयान देना शुरू किया था और उन्होंने इस मामले के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था.

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4. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल रॉय का जन्‍म 17 अप्रैल 1954 को हुआ था. 58 वर्षीय मुकुल रॉय ने कलकत्ता विश्‍वविद्यालय से विज्ञान में स्‍नातक की पढाई की है.

5. मुकुल रॉय को वनडे क्रिकेट और मोहन बागान का फुटबॉल मैच देखना मुकुल रॉय को पसंद है. 

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