केरल के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी: जेपी नड्डा

जेपी नड्डा ने केरल के त्रिशूर और एर्नाकुलम जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान कहा कि केंद्र सरकार केरल में स्थिति की संवेदनशीलता को समझती है. उन्होंने  कहा कि फंड को लेकर कोई समस्या नहीं है.

केरल के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी: जेपी नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा. (फाइल फोटो)

कोच्चि/नई दिल्ली: केंद्र ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित केरल को लोगों के पुनर्वास के लिए अधिक वित्तीय सहायता सहित हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने त्रिशूर और एर्नाकुलम जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान कहा कि केंद्र सरकार केरल में स्थिति की संवेदनशीलता को समझती है. मंत्री ने कहा, ‘‘फंड को लेकर कोई समस्या नहीं है, फंड हमेशा उपलब्ध है और हम हमेशा यह देते रहे हैं. जहां तक पुनर्वास और पुनर्विकास की बात है तो हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई है.’’ प्रभावित जिलों में राज्य सरकार के साथ पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य का मूल्यांकन करने के बाद नड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि बाढ़ राहत के सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय बाढ़ से उत्पन्न जन स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है.

मंत्री ने कहा, ‘‘लेप्टोस्पाइरोसिस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केरल को बीमारी की रोकथाम और लेप्टोस्पाइरोसिस के उपचार में काम आने वाली दवा डोक्सीसाइक्लिन के 18 लाख कैप्सूल उपलब्ध कराए गए हैं.’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र बीमारी भड़कने से उत्पन्न स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. महामारी संभावित बीमारियों को लेकर पिछले महीने से हर रोज समीक्षा की जा रही है.

 

 

नड्डा ने कहा, ‘‘स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन सेंटर सक्रिय कर दिया गया है. आपातकालीन चिकित्सा सहायता (ईएमआर) प्रभाग लेप्टोस्पाइरोसिस, डेंगू, चेचक और गंभीर अतिसार रोग की वजह से उत्पन्न हो रही स्थिति पर हर रोज नजर रखी जा रही है.’’ नड्डा के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव प्रीति सूदन, केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे. 

 

 

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं की बहाली के लिए किए जा रहे कार्य को लेकर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम का दौरा यह देखने और मूल्यांकन करने के लिए था कि राहत कार्य किस तरह चल रहा है तथा किस और चीज की आवश्यकता है. बाढ़ संबंधी घटनाओं में लोगों की मौत तथा संपित्त को हुए नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘हम अत्यंत व्यथित महसूस करते हैं. केरल के लोगों को प्राकृतिक आपदा की वजह से काफी समस्याएं झेलनी पड़ीं और हम सभी उनके साथ हैं.’’ 

 

 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और महाराष्ट्र तथा तमिलनाडु जैसी राज्य सरकारों द्वारा डॉक्टरों सहित भेजे गए चिकित्सा विशेषज्ञ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. मंत्री ने कहा, ‘‘12 जनस्वास्थ्य टीमों और 48 अत्यावश्यक दवाएं तत्काल भेजे जाने के लिए तैयार रखी गई हैं. प्रत्येक टीम में एक-एक जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, एक-एक सूक्ष्म जीव विज्ञानी और एक-एक कीट विज्ञानी शामिल है.’’ 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर 48 अत्यावश्यक आपातकालीन दवाओं की 73 टन वाली पहली खेप वायुसेना द्वारा हवाई मार्ग से ले जाई गई. इसमें क्लोरीन की एक करोड़ गोलियां शामिल हैं. इसमें 1.25 करोड़ गोलियां और बढ़ा दी गईं. इसमें राज्य को 20 टन ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया गया. इसमें 60 टन की बढ़ोतरी और कर दी गई. नड्डा ने इसके अलावा राज्य को उपलब्ध कराई गई कई अन्य चीजों का भी उल्लेख किया.

(इनपुट-भाषा)

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