प्रद्युम्न मर्डर केस: CBI के केस लेने के छह दिन बाद ही किशोर पर पर हुआ संदेह

प्रद्युम्न की हत्या के सिलसिले में पकड़ा गया किशोर छात्र प्रत्यक्ष तौर पर से जांच एजेंसी द्वारा केस लेने के छह दिन के भीतर ही संदेह घेरे में आ गया था.

भाषा भाषा | Updated: Nov 11, 2017, 12:36 AM IST
प्रद्युम्न मर्डर केस: CBI के केस लेने के छह दिन बाद ही किशोर पर पर हुआ संदेह
फाइल फोटो

नई दिल्ली: रयान इंटरनेशनल स्कूल में में प्रद्युम्न की हत्या के सिलसिले में पकड़ा गया किशोर छात्र प्रत्यक्ष तौर पर से जांच एजेंसी द्वारा केस लेने के छह दिन के भीतर ही संदेह घेरे में आ गया था. गुड़गांव की एक अदालत को जांच एजेंसी ने 29 सितंबर को बताया था कि इसने संदिग्ध के पिता के घर की तलाशी ली थी और उन सामानों को अपने पास रखने की इजाजत मांगी थी जिसे उसके घर से जब्त किया गया था. अदालत ने इसकी अनुमति दी थी .

इस तलाशी अभियान को जांच ब्यूरो ने गुप्त रखा था क्योंकि एजेंसी इस हत्याकांड में किशोर छात्र के शामिल होने के बारे में और साक्ष्य एकत्र करने की कोशिश कर रही थी. यह पूछने पर कि क्या जांच के दौरान किशोर पर किसी प्रकार का शक था, 22 सितंबर को केस लेने वाली इस जांच एजेंसी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा .

रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र प्रद्युम्न आठ सितंबर को स्कूल के शौचालय के पास पड़ा मिला था. उसका गला कटा हुआ था. घटना से एक घंटा पहले उसके पिता ने उसे स्कूल छोड़ा था. जांच एजेंसी ने इसी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को हत्या के मामले में पकड़ा था. सूत्रों ने बताया कि इस मामले में और लोगों के शामिल होने की संभावना का जांच एजेंसी पता लगा रही है लेकिन अभी तक इस संबंध में किसी से न तो पूछताछ की गई है और न ही किसी को हिरसात में लिया गया है.

उधर, सीबीआई की जांच पर भरोसा जताते हुए प्रद्युम्‍न के पिता ने कहा कि उनको पहले से ही बस कंडक्‍टर को इस मामले में पकड़े जाने को लेकर संदेह था. इसलिए ही उन्‍होंने सीबीआई जांच की मांग की थी और अब उसके नतीजों से वह संतुष्‍ट हैं. 16 वर्षीय आरोपी छात्र के बारे में उन्‍होंने कहा कि उसके खिलाफ बालिग के रूप में केस चलाया जाना चाहिए. उनके मुताबिक आपराधिक दिमाग ही इस तरह की घटना को अंजाम दे सकता है.

पिता ने कहा, "कहीं न कहीं सीबीआई ने जो बताया है, वह एक संभावित वजह हो सकती है. सीबीआई ने अगर बच्चे को निकाला है तो उसके पास जरूर प्रूफ होगा. हमें सीबीआई पर भरोसा था". वहीं, मां सुषमा ठाकुर ने कहा कि आगे क्या आता है, देखना होगा. जांच जारी है. अभी तक जो आया है उससे लोगों को जरूर इससे तसल्ली हुई है. लोगो को जो उम्मीद थी, उस पर सीबीआई कहीं न कहीं खरी उतरी है. हम तो यही जानना चाहते थे कि वास्तविक हत्यारा कौन है और उद्देश्य क्या था. हमें पुलिस की थ्योरी शुरू से ही हजम नहीं हो रही थी. तभी हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे.