OBC के लिए क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए प्रति वर्ष की गई

भाषा | Updated: Sep 14, 2017, 07:30 AM IST
OBC के लिए क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाकर 8 लाख रुपए प्रति वर्ष की गई
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया था कि आठ लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक की आय वाले ओबीसी परिवारों को क्रीमी लेयर माना जाए (फाइल फोटोः केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत)

नई दिल्लीः ओबीसी आरक्षण के लिए ‘क्रीमी लेयर’ की सीमा मौजूदा सालाना छह लाख रूपये से बढ़ाकर आठ लाख रूपये कर दी गयी है . एक आधिकारिक आदेश में यह कहा गया है. इसके मायने है कि ऐसे व्यक्ति जिनकी सकल वार्षिक आय लगातार तीन साल तक आठ लाख रूपये या अधिक होगी उनके बच्चे क्रीमी लेयर श्रेणी में आएंगे और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए उपलब्ध आरक्षण का फायदा लेने के हकदार नहीं होंगे.

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है ,‘‘अब अन्य पिछड़ी जातियों के बीच क्रीमी लेयर के निर्धारण के लिए आय सीमा छह लाख रूपये से बढ़ाकर आठ लाख रूपये करने का फैसला किया गया है. ’’  वर्ष 1993 में इसकी सीमा एक लाख रूपये थी . इसे तीन बार बढ़ाया गया . वर्ष 2004 में आय सीमा बढाकर 2.5 लाख रूपये, 2008 में 4.5 लाख रूपये और 2013 में छह लाख रूपये की गयी. 

आपको बता दें कि अब तक 6 लाख रुपए या इससे अधिक सालाना आय वाले ओबीसी परिवार को लाभ पाने वालों की सूची से हटाकर क्रीमी लेयर में रखा गया था. इस आय वर्ग के ओबीसी को किसी तरह का फायदा नहीं दिया जाता है. केंद्र सरकार ने क्रीमी लेयर को फिर से परिभाषित करने की मंशा जाहिर की थी, ताकि इसका फायदा जरूरतमंद और समाज के निचले तबके तक पहुंचाया जा सके. ओबीसी आरक्षण के लिए आखिरी समीक्षा 2013 में की गई थी. 

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क्रीमी लेयर में आने वाले पिछड़ा वर्ग के लोग आरक्षण के दायरे से बाहर हो जाते हैं. सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण है, बशर्ते परिवार की वार्षिक आय क्रीमी लेयर के दायरे में न आती हो. अभी तक वार्षिक आय छह लाख रुपये तक तक थी, अब यह 8 लाख रुपये हो गई है. जिनकी आय अधिक होती है उन्हें क्रीमी लेयर कहा जाता है और वे आरक्षण के लिए पात्र नहीं होते.

देश के नौ राज्यों आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पुदुचेरी, कर्नाटक, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पहले ही अन्य पिछड़ा वर्ग का उप वर्गीकरण किया जा चुका है.