दिल्ली : 7 साल के बच्चे की हत्या, 1 महीने बाद पड़ोसी के सूटकेस से मिला शव

एक युवक ने यहां माता-पिता से बदला लेने के लिए उनके सात वर्षीय बच्चे की हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

  दिल्ली : 7 साल के बच्चे की हत्या, 1 महीने बाद पड़ोसी के सूटकेस से मिला शव
पुलिस ने एक माह पहले बच्चे के अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझा ली है

नई दिल्ली : एक युवक ने यहां माता-पिता से बदला लेने के लिए उनके सात वर्षीय बच्चे की हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि आरोपी अवधेश को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया गया. वह पीड़ित परिवार से परिचित है और दूर का रिश्तेदार है. वह पश्चिम दिल्ली के स्वरूप नगर में आशीष नाम के सात वर्षीय बच्चे के घर के पास रहता था.

माता-पिता नहीं करते थे पसंद
पुलिस उपायुक्त असलम खान ने बताया कि अवधेश ने पुलिस से कहा कि आशीष के माता-पिता उसकी अनुपस्थिति में उसकी बुराई करते थे और उसका घर में आना पसंद नहीं करते थे. पुलिस ने बताया कि उसने आशीष की हत्या की, शव को बांध कर अलमारी में रख दिया और बच्चे के परिवार का शुभचिंतक बनने का नाटक करता रहा. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उसे पता था कि रास्ते में सीसीटीवी लगे हुए हैं. घर से दुर्गंध आने पर पूछे जाने पर, उसने मरे हुए चूहे को दिखा दिया.

खुद को बताया CBI अधिकारी
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि उन्होंने शव बरामद कर लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अवधेश ने आशीष के परिवार को यह भी झूठ बोला था कि वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में काम करता है. उसने पुलिस को बताया कि वह प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहा था और एक बार यूपीएससी परीक्षा में भी बैठा था.

पुलिस ने कहा कि 7 जनवरी को आशीष के लापता होने के बाद अवधेश ने आशीष के दादा के साथ इस बारे में स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट लिखवाई थी. अवधेश ने किसी भी प्रकार की शक की गुंजाइश टालने के लिए ऐसा किया था.

जांच के दौरान, पुलिस टीम ने सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, स्थानीय लोगों से मदद ली लेकिन लापता बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला. बच्चे के गुमशदगी के बाद कोई भी फोन नहीं आया, इसलिए पुलिस ने अपहरण के अलावा अन्य संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया. अवधेश ने पुलिस के समक्ष खुद को आत्मविश्वास से पेश किया. पुलिस टीम ने आशीष के परिजनों के अलावा उसका भी बयान रिकार्ड किया था.

किराने की दुकान चलाने वाले पीड़ित के पिता को तीन दिनों से अवधेश के घर नहीं आने पर उस पर शक हुआ. उसका आशीष के घर हमेश आना-जाना लगा रहता था. पुलिस ने बताया कि पीड़ित के परिजनों ने पुलिस को इस बारे में सूचित किया और दोबारा पूछताछ के दौरान, वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया.

(इनपुट आईएएनएस से)

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