बुराड़ी केस: आ गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, 11 में से 10 की मौत का खुल गया रहस्य

बुधवार को इस मामले में 10 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, जिमसें पुलिस थ्योरी सही साबित होती दिख रही है.

बुराड़ी केस: आ गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, 11 में से 10 की मौत का खुल गया रहस्य
बुराड़ी में 11 मौतों के मामले में क्राइम ब्रांच को जो रजिस्टर मिला था उसमें एक अहम खुलासा हुआ है.

राजू राज, नई दिल्ली: बुराड़ी में एक घर में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के रहस्य से पर्दा उठ गया है. बुधवार को इस मामले में 10 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, जिमसें पुलिस थ्योरी सही साबित होती दिख रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का कहना है 10 लोगों की मौत फंदे पर झूलने से हुई है. शरीर पर चोट के कोई निशान नही हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि 10 लोगों की मौत फंदे पर झूलने से हुई है. अभी इस मामले में घर की सबसे बुजुर्ग महिला नारायणी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है. 

दरअसल, नारायणी देवी की बॉडी कमरे में जमीन पर पड़ी मिली थी. इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी डॉक्टर्स की राय मेल नहीं खा रही है, इसलिए मंगलवार को डॉक्टर्स की टीम ने घर का मुआयना भी किया था. इसलिए डॉक्टर्स की टीम एक बार फिर आपस में बातचीत करके फाइनल रिपोर्ट देगी, जिससे नारायणी देवी की मौत की असल वजह पता चल पाये.

ये भी पढ़ें: बुराड़ी केस: रजिस्टर में 'भटकती आत्मा' का जिक्र, लिखा था- अगली दीवाली नहीं देख सकेंगे

परिवार के रजिस्टर में लिखी थी दीवाली की बात
इससे पहले भाटिया परिवार से प्राप्त रजिस्टर में ‘ भटकती आत्मा ’ का जिक्र है. उसमें साथ ही आशंका जाहिर की गयी है कि परिवार अगली दीवाली नहीं देख सकेगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से एक ललित सिंह चुंडावत के शरीर में कथित तौर पर उसके पिता की आत्मा आती थी और इसके बाद वह अपने पिता की तरह हरकतें करता था और नोट लिखवाया करता था. 

बुराड़ी केस: रजिस्टर में 'भटकती आत्मा' का जिक्र, लिखा था- अगली दीवाली नहीं देख सकेंगे

यह भी पढ़ेंः बुराड़ी : भाटिया परिवार ने रजिस्‍टर में लिखा था-11 दिन बाद 'लौटेंगे', इलाके में फैली दहशत

रजिस्टर में 11 नवंबर , 2017 की तारीख में ललित ने परिवार के ‘कुछ हासिल’ करने में विफल रहने के लिए ‘किसी की गलती’ का जिक्र किया है. उसमें कहा गया है, 'धनतेरस आकर चली गयी. किसी की पुरानी गलती की वजह से कुछ प्राप्ति से दूर हो. अगली दीवाली न मना सको. चेतावनी को नजरंदाज करने की बजाय गौर किया करो.'

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close