कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को दिए 57 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश

एक मोटर दुर्घटना दावा निपटारा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना में मृत 44 साल के व्यक्ति के परिजनों को 57 लाख रुपए से अधिक के मुआवजे का आदेश दिया.

कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को दिए 57 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश
दुर्घटना के समय वाहन श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से बीमाकृत था.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: एक मोटर दुर्घटना दावा निपटारा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना में मृत 44 साल के व्यक्ति के परिजनों को 57 लाख रुपए से अधिक के मुआवजे का आदेश दिया. एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी परमजीत सिंह ने दुर्घटना में शामिल वाहन का बीमा करने वाली कंपनी ’श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड‘ को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के निवासी नीरज शर्मा के परिवार को नौ फीसदी सालाना की ब्याज दर पर 57 लाख 27 हजार रुपए देने को कहा. 

दूसरे वाहनचालक की लापरवाही से हुआ था हादसा 
अदालत ने कहा कि यह साबित हुआ है कि दिवंगत नीरज शर्मा को लापरवाही से चलाए जा रहे वाहन से हुई दुर्घटना में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई. यह वाहन राजीव द्वारा चलाया जा रहा था और वही इस वाहन के मालिक थे. दुर्घटना के समय यह वाहन श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से बीमाकृत था. 

इलाज के दौरान हो गई थी मौत
आपको बता दें कि 11, अक्तूबर 2016 को एक ऑटोरिक्शा ने शर्मा के स्कूटर में पीछे से टक्कर मारी थी. इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें लगीं और उन्हें वहां से अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. अदालत ने मुआवजे की राशि पर फैसला करते वक्त इस तथ्य पर गौर किया कि शर्मा दुर्घटना के वक्त एक निजी कारोबार कर रहा था और वह हर साल 12 लाख रुपए कमा रहा था.

(इनपुट भाषा से)