लाभ का पद: चुनाव आयोग करेगा आप के 20 विधायकों का फैसला, 17 मई से करेगा सुनवाई

अदालत ने चुनाव आयोग से मामले की नए सिरे से सुनवाई करने को कहा क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य करार दिए जाने से पहले विधायकों की उचित तरीके से सुनवाई नहीं की गई थी. 

 लाभ का पद: चुनाव आयोग करेगा आप के 20 विधायकों का फैसला, 17 मई से करेगा सुनवाई
अदालत ने चुनाव आयोग से मामले की नए सिरे से सुनवाई करने को कहा.(फाइल फोटो)
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नई दिल्ली: चुनाव आयोग आप के 20 विधायकों के मामले में गुरुवार(17 मई) को सुनवाई शुरू करेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित तौर पर लाभ का पद संभालने के लिए विधायकों की अयोग्यता खारिज कर दी थी. अदालत ने चुनाव आयोग से मामले की नए सिरे से सुनवाई करने को कहा क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य करार दिए जाने से पहले विधायकों की उचित तरीके से सुनवाई नहीं की गई थी. आयोग ने पिछले महीने दिल्ली के 20 विधायकों को निजी तौर पर या अपने कानूनी प्रतिनिधियों के जरिए मौखिक सुनवाई के लिए 17 मई को दिन में तीन बजे पेश होने का निर्देश दिया था.

हाईकोर्ट के 23 मार्च के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने सुनवाई बहाल करने का फैसला किया. अदालत ने कहा था कि ये सिफारिश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत और कानून में बुरी थी. आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मामले के गुण-दोष पर मौखिक सुनवाई होगी. ’’ विधायकों ने लाभ का पद संभालने के आधार पर अपनी अयोग्यता को चुनौती दी थी. इन विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया गया था.  

आप के 21 विधायकों के खिलाफ  याचिका प्रशांत पटेल नाम के एक व्यक्ति ने दायर की थी
उल्लेखनीय है कि बीते 19 जनवरी को चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को आप के 20 विधायकों के कथित तौर पर लाभ का पद रखने को लेकर अयोग्य ठहराने की सिफारिश की थी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी गई अपनी राय में चुनाव आयोग ने कहा कि संसदीय सचिव होने के नाते इन विधायकों ने लाभ का पद रखा और वे दिल्ली विधानसभा के विधायक के पद से अयोग्य ठहराए जाने के योग्य हैं. आप के 21 विधायकों के खिलाफ चुनाव आयोग में याचिका प्रशांत पटेल नाम के एक व्यक्ति ने दायर की थी. इन विधायकों को दिल्ली की आप सरकार ने संसदीय सचिव नियुक्त किया था.

जरनैल सिंह के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी 
जरनैल सिंह के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिये राजौरी गार्डन के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. जिन 20 विधायकों को अयोग्य ठहराया जाना है उसमें आदर्श शास्त्री (द्वारका), अल्का लांबा (चांदनी चौक), अनिल बाजपेयी (गांधी नगर), अवतार सिंह (कालकाजी), कैलाश गहलोत (नजफगढ़), मदन लाल (कस्तूरबा नगर), मनोज कुमार (कोंडली), नरेश यादव (मेहरौली), नितिन त्यागी (लक्ष्मी नगर), प्रवीण कुमार (जंगपुरा) शामिल हैं. गहलोत अब दिल्ली सरकार में मंत्री भी हैं.

इनके अलावा राजेश गुप्ता (वजीरपुर), राजेश ऋषि (जनकपुरी), संजीव झा (बुराड़ी), सरिता सिंह (रोहतास नगर), सोमदत्त (सदर बाजार), शरद कुमार (नरेला), शिवचरण गोयल (मोती नगर), सुखबीर सिंह (मुंडका), विजेंद्र गर्ग (राजेंद्रनगर) और जरनैल सिंह (तिलक नगर) भी शामिल हैं.

(इनपुट एजेंसी से भी)