गुरूग्राम छात्र हत्या व्यवस्थागत खामी का नतीजा : NCPCR

गुरूग्राम छात्र हत्या मामले की पृष्ठभूमि में बुधवार को एनसीपीसीआर ने कहा कि शिक्षकों को संवेदनशील नहीं बनाने के कारण इस प्रकार घटनाएं होती हैं.

भाषा | Updated: Sep 13, 2017, 07:41 PM IST
गुरूग्राम छात्र हत्या व्यवस्थागत खामी का नतीजा : NCPCR
गुरूग्राम का रेयान इंटरनेशनल स्कूल.(FILE - पीटीआई)

नई दिल्ली: गुरूग्राम छात्र हत्या मामले की पृष्ठभूमि में बुधवार को एनसीपीसीआर ने कहा कि शिक्षकों को संवेदनशील नहीं बनाने के कारण इस प्रकार घटनाएं होती हैं. देश में बाल अधिकार संरक्षण के शीर्ष संगठन एनसीपीसीआर के एक सदस्य के मुताबिक निजी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों को सुरक्षा समेत अन्य अहम मुद्दों को लेकर अवगत नहीं कराए जाने संबंधी व्यवस्थागत खामी के कारण चूक होती है.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य (एनसीपीसीआर) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा कि निजी विद्यालय नीतिगत कमियों का फायदा उठाते हुए अवसंरचनात्मक विकास और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू में अभिभावकों की बात को तवज्जो नहीं देते है.

उन्होंने आठ सितंबर को गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय लड़के की मौत के संदर्भ में यह बात कही. कक्षा दो का छात्र अपने स्कूल के वॉशरूम में मृत अवस्था में मिला था और कुकर्म का विरोध करने के कारण कथित तौर पर उसका गला काट दिया गया था.

एनसीपीसीआर ने प्रथम दृष्टया मामले में स्कूल की लापरवाही पाई थी. आयोग ने जिले के अधिकारियों और हरियाणा के शिक्षा विभाग एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से रिपोर्ट की मांग की है.