मुस्लिम पुरुषों से शादी करने वाली हिंदू महिलाओं के लिए तीन तलाक के मुद्दे पर अर्जी खारिज

Last Updated: Saturday, April 22, 2017 - 00:34
मुस्लिम पुरुषों से शादी करने वाली हिंदू महिलाओं के लिए तीन तलाक के मुद्दे पर अर्जी खारिज
मुस्लिम पुरुषों से शादी करने वाली हिंदू महिलाओं के लिए तीन तलाक के मुद्दे पर याचिका खारिज

नई दिल्लीः दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका को आज खारिज कर दिया जिसमें केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि मुस्लिम पुरुषों से शादी कर चुकी हिंदू महिलाओं पर तीन तलाक या बहुविवाह के नियम लागू नहीं होने चाहिए. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलाव संबंधी तीन तलाक का मामला पहले ही उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए वह इस मामले में सुनवाई नहीं करेगी.

पीठ ने कहा कि इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है कि इस मामले की सुनवाई के लिए एक संवैधानिक पीठ का गठन किया गया है. इसलिए इसके द्वारा बनाया गया कानून समाज की सभी महिलाओं एवं बच्चों पर लागू होगा. अदालत ने यह भी कहा, ‘‘सभी महिलाओं को कानून के तहत समान सुरक्षा पाने का हक है.’’ पीठ ने कहा, ‘‘इसके (सुप्रीम कोर्ट के मामले पर विचार करने) मद्देनजर हम इस मामले पर सुनवाई नहीं करेंगे. याचिका को खारिज की जाती है.’’

वकील विजय कुमार शुक्ला द्वारा दायर इस जनहित याचिका में तीन तलाक से प्रभावित हिंदू महिलाओं की दुर्दशा का जिक्र किया गया है. इस याचिका में विशेष विवाह कानून या विवाह पंजीकरण अनिवार्यता कानून के तहत अंतर-जातीय विवाह के पंजीकरण को इस उपधारा के साथ अनिवार्य बनाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि यदि अंतरजातीय विवाह का पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो दंड दिया जाएगा. 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ 11 मई से उन याचिकाओं के समूह की सुनवाई करेगी जिनमें तीन तलाक और बहुविवाह को असंवैधानिक एवं महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण बताते हुए इन्हें चुनौती दी गई थी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क

First Published: Friday, April 21, 2017 - 20:15
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