महाशिवरात्रि : उज्जैन में हुई महाकाल की भस्म आरती, महानदी में श्रद्धालुओं ने किया स्नान

महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा करने का सबसे बड़ा दिन माना जा रहा है. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन अगर भोलनाथ को खुश कर लिया, तो आपके सभी बिगड़े काम सफल हो जाते हैं. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Feb 13, 2018, 11:01 AM IST
महाशिवरात्रि : उज्जैन में हुई महाकाल की भस्म आरती, महानदी में श्रद्धालुओं ने किया स्नान
महाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती की गई. (फोटो साभार: ANI)

नई दिल्ली : महाशिवरात्रि का त्‍यौहार आज (मंगलवार को) पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. सुबह से ही शिव भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए मंदिरों में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र से अभिषेक कर रहे हैं. देश के तमाम शिवालयों को फूल और मालाओं से सजाया गया है. महाशिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा करने का सबसे बड़ा दिन माना जा रहा है. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन अगर भोलनाथ को खुश कर लिया, तो आपके सभी बिगड़े काम सफल हो जाते हैं. लेकिन इस बार शिवभक्तों को भोलनाथ को खुश करने के दो अवसर मिल रहे हैं, क्योंकि कई स्थानों पर शिवरात्रि दो दिन मनाई जा रही है. 

उज्जैन में हुई महादेव की भस्म आरती
उज्जैन में स्थित महाकालेश्व मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव की भस्मारती की गई. रोजाना की तरह प्रातःकाल मंदिर के कपाट खुलते ही बाबा महाकाल की पुरोहितों ने भस्मारती की. आरती के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए. महाशिवरात्रि होने के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा देखने को मिल रही है. बता दें कि यह मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है. ज्योतिर्लिंग मतलब वह स्थान जहां भगवान शिव ने स्वयं लिंगम स्थापित किए थे.

आज रात होगा चतुर्दशी का शुभारंभ
पंचांग के अनुसार आज यानि की 13 फरवरी की रात 10 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ होगा. वहीं, 14 फरवरी की रात 12 बजकर 46 मिनट तक चतुर्दशी रहेगी. ऐसे में दोनों ही दिन श्रद्धालु भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकते हैं. दो दिन शिवरात्रि मनाने का ऐसा दुर्लभ संयोग 21 साल बाद आया है. 

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महानदी में लगाई गई श्रद्धा की डुबकी
इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम की जैसी महत्ता पा चुका छत्तीसगढ़ स्थित महानदी में शिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. बता दें कि वर्तमान समय में रजिम कुंभ चल रहा है. त्रिवेणी संगम तट पर लगने वाले राजिम कुंभ कल्प में 15 दिनों तक लाखों लोग दर्शन, स्नान करने उमड़ते हैं. बता दें कि जैसे इलाहाबाद में गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है वैसे ही राजिम के तीन नदियों 'महानदी, सोंढूर व पैरी नदी" का संगम है.