सोनिया की डिनर पार्टी पर बोले राहुल गांधी-राजनीति पर बात हुई और नजदीकियां बढ़ीं

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की डिनर पार्टी में एनसीपी के शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, सपा के रामगोपाल यादव, बीएसपी के सतीशचंद्र मिश्र, आरजेडी से मीसा भारती और तेजस्वी यादव, सीपीएम से मोहम्मद सलीम, सीपीआई से डी राजा, डीएमके से कनिमोझी व पूर्व जेडीयू सांसद शरद यादव ने हिस्सा लिया

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Mar 14, 2018, 05:36 AM IST
सोनिया की डिनर पार्टी पर बोले राहुल गांधी-राजनीति पर बात हुई और नजदीकियां बढ़ीं
सोनिया गांधी की डिनर पार्टी में पहुंचे 20 दलों के प्रतिनिधि (फोटोः एएनआई)

नई दिल्लीः संसद में पिछले सात दिन से लगातार जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने मंगलवार सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह किसानों सहित प्रमुख मुद्दों पर संसद में सरकार की जवाबदेही तय करेगी. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर मंगलवार विपक्षी दलों का रात्रिभोज हुआ जिसमें सीपीएम, सीपीआई, तृणमूल कांग्रेस, बीएसपी, सपा, जेडीएस, आरजेडी सहित 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.

पार्टी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ' यूपीए अध्यक्ष सोनिया जी द्वारा बेहतरीन डिनर पार्टी का आयोजन किया गया, इस डिनर के जरिए अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को आपस में मुलाकात का मौका मिला.  इन नेताओं के बीच नजदीकियां बढ़ी हैं. इस दौरान काफी राजनीतिक बातें हुईं लेकिन इससे महत्वपूर्ण यहां सकारात्मक ऊर्जा, गर्मजोशी और सच्ची दोस्ती और लगाव देखने को मिला. '

 

डिनर पार्टी से लौटते समय आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, '20 विपक्षी पार्टियों ने इस डिनर में शिरकत की और हम एक हैं. शिवसेना और टीडीपी की नाराजगी से एनडीए बिखर चुका है. यह सब बीजेपी के तानाशाही रवैया की वजह से हुआ है.'

 

डिनर पार्टी में एनसीपी के शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, सपा के रामगोपाल यादव, बीएसपी के सतीशचंद्र मिश्र, आरजेडी से मीसा भारती और तेजस्वी यादव, सीपीएम से मोहम्मद सलीम, सीपीआई से डी राजा, डीएमके से कनिमोझी व पूर्व जेडीयू सांसद शरद यादव ने हिस्सा लिया. कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, ए के एंटनी आदि ने भाग लिया.

डिनर के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं को बताया कि यह प्रीति और मैत्री वाला रात्रि भोज था. कांग्रेस का मानना है कि जहां सरकार दीवार खड़ी करेगी, वही हम मित्रता, सौहार्द्र एवं मिलकर साथ चलने का रास्ता तैयार करेंगे. उन्होंने कहा कि यह रात्रिभोज राजनीति के लिए नहीं था. पर स्वाभाविक है कि जहां सरकार संसद चलाने में इच्छुक नहीं है तो वे राजनीतिक नेता, जो अपने क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को लेकर जागरूक और चिंतित हैं, जब मिलेंगे तो प्रदेश और देश की राजनीति पर चर्चा अवश्य होगी.

सुरजेवाला ने कहा कि इन नेताओं के बीच गरीबों, युवाओं और किसानों को लेकर बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि देश की धुरी संसद में सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित हो, इस बारे में अनौपचारिक बातचीत होना भी स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि इस रात्रिभोज का एक ही मकसद है.. सौहार्द्रपूर्ण और मित्रता वाले माहौल में विपक्षी नेता बैठकर व्यक्तिगत और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान कर सकें.

 

एक प्रश्न के उत्तर में सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ आज जब देश के सामने विकट संकट हैं. सरकार की नाक के नीचे से करोड़ों रूपये लेकर भगोड़े भाग गये. हजारों किसान सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर सरकार के पास अपनी व्यथा सुनाने पहुंची पर सरकार उनकी बात सुन नहीं रही. आज जब बेरोजगारी सिर चढ़कर बोल रही है. भ्रष्टाचार का बोलबाला है. ऐसे में विपक्षी नेता, भले ही उनसे हमारा मतभेद हो, पर वे राष्ट्रीय हित में इन मुद्दों का समाधान निकालने के लिए चिंतित हैं.

सुरजेवाला ने कहा कि संसद चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की है. अगर संसद में कोई गतिरोध उत्पन्न कर रहा है तो वह सत्ता पक्ष के लोग है, विपक्ष के नेता नहीं.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी नेता चाहते हैं कि सरकार की संसद में जवाबदेही तय हो. सरकार चर्चा से भाग रही है . किंतु हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संसद भी चले और सरकार की जवाबदेही भी तय हो.

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रात्रिभोज में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, बीएसपी प्रमुख मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नहीं आने के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने कहा कि इन पार्टियों के संसद के नेता इस रात्रिभोज में आये हैं. इस मित्रतापूर्ण रात्रिभोज को राजनीतिक तौर पर इससे अधिक नहीं देखा जाना चाहिए. सोनिया गांधी के इस रात्रिभोज को लोकसभा चुनाव में एनडीए के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा खड़ा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार रात्रि भोज में तृणमूल के सुदीप बंदोपाध्याय, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, एआईयूडीएफ, जेएमएम के हेमंत सोरेन, आरएलडी के अजित सिंह, आईयूएमएल के कुट्टी, जेवीएम के बाबूलाल मरांडी, आरएसएपी के रामचन्द्रन, भारतीय ट्राइबल पार्टी के शरद यादव, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा जीतनराम मांझी, जेडीएस के डा. कुपेन्द्र रेड्डी तथा केरल कांग्रेस के प्रतिनिधि ने भाग लिया.

(इनपुट भाषा से)